छत्रपति संभाजीनगर: जैन दर्शन में कर्म सिद्धांत एक अत्यंत सूक्ष्म, दार्शनिक और आध्यात्मिक विषय है। इस गहन विषय के शास्त्रीय अध्ययन, चिंतन और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए आचार्य श्री विराग सागर जी महाराज के सुशिष्य परम पूज्य उच्चारणाचार्य विनम्र सागर जी महाराज के पावन सानिध्य में त्रिदिवसीय (तीन दिवसीय) अखिल भारतीय विद्वत संगोष्ठी का आयोजन किया गया है। यह जानकारी पंचायत अध्यक्ष महावीर पाटनी, ट्रस्टी अरुण पाटनी, संयोजक प्रमोद पांडे, ट्रस्टी मंडल तथा चातुर्मास समिति, श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पंचायत मंदिर, राजा बाजार, छत्रपति संभाजीनगर की ओर से दी गई। यह संगोष्ठी 5, 6 और 7 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी।

इस संगोष्ठी का मुख्य विषय आचार्य नेमिचंद्र सिद्धांतचक्रवर्ती द्वारा रचित कर्म सिद्धांत पर आधारित महत्वपूर्ण ग्रंथ ‘क्षपणासार’ है। देश के विभिन्न हिस्सों से लगभग 40 मूर्धन्य विद्वान इस संगोष्ठी में भाग लेंगे और ‘क्षपणासार’ में प्रतिपादित कर्म सिद्धांत के विभिन्न पहलुओं पर गहन चिंतन, मनन व शोधपरक विचार प्रस्तुत करेंगे।
जैन आगम, दर्शन और कर्म सिद्धांत की कई सूक्ष्म अवधारणाओं को आम लोगों की समझ में आने योग्य सरल भाषा में प्रस्तुत करने का प्रयास इस संगोष्ठी में किया जाएगा। इसलिए यह संगोष्ठी केवल विद्वानों की चर्चा तक सीमित न रहकर शास्त्रप्रेमी समाज और नई पीढ़ी के लिए भी ज्ञानवर्धक साबित होगी।
यह संगोष्ठी संघस्थ श्रमण विज्ञसागर जी महाराज के मुख्य मार्गदर्शन में, इंदौर के डॉ. अनुपम जैन के नेतृत्व में तथा डॉ. आशीष कुमार जैन, ब्रह्मचारी के संयोजन में संपन्न होगी।
संगोष्ठी में अखिल भारतीय शास्त्री परिषद के अध्यक्ष डॉ. श्रेयांश कुमार जैन (बड़ौत), डॉ. सुदर्शन लाल जैन (भोपाल), डॉ. नीलम जैन (ललितपुर), डॉ. सनत जैन (जयपुर), डॉ. हरिश्चंद्र जैन (मुरैना), डॉ. अनेकांत जैन (दिल्ली) सहित देशभर के कई विद्वान शामिल होंगे।
छत्रपति संभाजीनगर से महावीर ठोले और उज्ज्वला शाह भी इस विद्वत संगोष्ठी में भाग लेंगे।
‘क्षपणासार’ जैसे महत्वपूर्ण ग्रंथ पर देशभर के विद्वानों के एक साथ आकर विचार-मंथन करने से जैन वांग्मय (साहित्य), आगम, शास्त्र-अध्ययन और अनुसंधान को एक नई दिशा मिलने में मदद मिलेगी। धर्मप्रेमी, शास्त्रप्रेमी समाजजन तथा जिज्ञासु विद्यार्थी इस संगोष्ठी में उपस्थित होकर विद्वानों के विचार सुनें और इस ज्ञानयज्ञ का लाभ उठाएं, यह अपील प्रचार-प्रसार संयोजक नरेंद्र अजमेरा और पीयूष कासलीवाल ने की है








