सूचना के बाद दोपहर में पहुंचा सिंचाई विभाग, जेसीबी से कराई अस्थायी मरम्मत

महरौनी, ललितपुर।
महरौनी के समीप ग्राम पाली स्थित पाली बांध में फटाव होने से कई क्यूसिक पानी बह निकला। सुबह तड़के ग्रामीणों ने बांध की स्थिति की सूचना सिंचाई विभाग सहित स्थानीय अधिकारियों को दी, लेकिन विभागीय अधिकारी-कर्मचारी दोपहर तक मौके पर नहीं पहुंचे। पानी के तेज बहाव से किसानों में चिंता और क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति रही।
दोपहर बाद अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड ललितपुर भूपेश कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में जेसीबी से मिट्टी की फिलिंग कराकर चद्दर लगाई गई, जिससे पानी के बहाव को अस्थायी रूप से रोका जा सका। अधिशासी अभियंता ने स्थायी मरम्मत कार्य कराने का आश्वासन दिया।
बताया गया कि पाली बांध की नींव वर्ष 1947 में रखी गई थी और वर्ष 1951 में पहली बार बांध भरा था। बांध से निकलने वाली नहर से सैकड़ों हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होती है। ग्रामीणों के अनुसार बांध की पानी रोकने वाली पुरानी पट्टी जर्जर होने के कारण टूट गई, जिससे बड़ी मात्रा में पानी बह गया। ग्रामीणों ने बांध की पट्टी के स्थायी समाधान के साथ ही जर्जर बंध की मरम्मत की मांग की है।









