ललितपुर। दूसरों की बुराई नहीं अपने को देखने में ही धर्म है। जिसको मन को समझने की इच्छा आ गई तो समझो धर्म समझने की बुद्धि आ गई यही मार्दव धर्म है। अपने जीवन को ऐसा बनाए कि कोई दो बाते कहकर हल्का हो जाए। जैन पार्श्वनाथ जैन अटा मंदिर में पर्यूषण पर्व के दूसरे दिन मादर्व धर्म पर आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महाराज के प्रभावक शिष्य मुनि श्री विशद सागर महाराज ने धर्म सभा मे उक्त विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा हमारी परम्परा है हम बड़ों के चरणों में झुकते हैं तो हमारे यहां वडे पहले ही झुकने वाले को अपना लें और अपनी छाती से लगा लें। मार्दव का अर्थ इतना सरल हो जाओ कि बड़े तुम्हें अपना बना लें। मुनि श्री ने बताया मार्दव धर्म अहंकार दोडकर नम्रता की प्रेरणा देता है जिसको अपनाने में ही जीवन का कल्याण है।

धर्मसभा का शुभारम्भ आचार्य श्री के चित्र के सम्मुख दीपप्रज्जवलन श्रेष्ठीजनों एवं मंगलाचरण अनीता मोदी द्वारा किया गया। धर्मसभा में अनीता जैन, श्रुत्ति जैन, वरिष्ठि जैन, अर्चित जैन ने तत्त्वार्थ सूत्र का वाचन किया जबकि अर्घ समर्पण करने का पुण्यार्जन शीलचंद अभिषेक जैन अनौरा परिवार द्वारा किया गया गया। धर्मसभा का संचालन महामंत्री आकाश जैन द्वारा किया गया।
प्रातःकाल बाहुबलि भगवान की वेदिका पर प्रभु अभिषेक के उपरान्त मुनि शिव सागर महाराज द्वारा शान्तिधारा का पुर्याजन किया गया। इस दौरान उन्होने धर्मसभा में श्रावकों को मार्दव धर्म की महत्ता बताते हुए व्यवहारिक रूप से से जीवन में धारण करने के लिए प्रेरित किया। मध्यान्ह में मुनि श्री विशद सागर महाराज ने तत्वार्थ सूत्र को अपने चिन्तन द्वारा समझाया।

सायकाल नगर के जैन मंदिरों में सामूहिक आरती के उपरान्त अतिशय क्षेत्र अभिनंदनोदय तीर्थ में जितेन्द्र शास्त्री, जैन अटा मंदिर में अमित जैन शास्त्री, इलाइट जैन मंदिर में प्रिंस शास्त्री, शान्तिनाथ जिनालय में वहिन रिया जैन अंशिका जैन, अदिनाथ जैन मंदिर नईंवरती में रेशु जैन, सिमी जैन बाहुबलि नगर में इशिताजैन द्वारा शास्त्र सभा के माध्यम से पर्यूषण पर्व में धर्म की महत्ता को बत्ताया जा रहा है। अभिनंदनोदय तीर्थ में सुधा कलश भक्ताम्मर महिला मण्डल के तत्वावधान में एक मिनिट प्रतियोगिता सुषमा जेन सीमा मोटर्स के संयोजन में हुई जिसमें विजेता प्रतियोगियों को पुरूष्कृत किया गया प्रतियोगिता की संयोजना में सुधा जैन सिमरा, रेखा जैन, रुवी जैन, श्वेता, श्रद्धा, कल्पना, प्रीति, रश्मि जैन समीक्षा जैन का योगदान रहा। नगर के जैन नया मंदिर में आचार्य विद्यासागर पाठशाला के संयोजन में कौन बनेगा भाग्यशाली प्रतियोगिता में बच्चों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। गौरतलव रहे इन दिनों आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महाराज प्रभावक शिष्य मुनि श्री विशद सागर महराज एवं शिव सागर महाराज के ससंघ चातुर्मास से नगर के जैन मंदिरों में प्रवचनों के माध्यम से दस धर्मों की अपूर्व प्रभावना हो रही है जिनको सम्पन्न कराने में नगर की स्वयंसेवी संस्थाओं के अतिरिक्त दिगम्बर जैन पंचायत के पदाधिकारी सक्रिय भूमिका निर्वाहन कर रहे हैं।









