-*सिद्ध क्षेत्र बडागाँव में पर्युषण महापर्व का प्रथम दिवस; मंदिरो में श्रद्धालूओं की लगी भीड*

बडागाँव (धसान)

 

सकल दिगंबर जैन समाज के दस लक्षण पर्युषण महापर्व कल 16 सितंबर से प्रारंभ होंगे। प्रमोद कोटिया शिक्षक ने जानकारी देते हुए बताया कि इस महापर्व में प्रत्येक जैन श्रावक आत्म साधना एवं धर्म आराधना करते हैं। प्रत्येक जैन मंदिर में प्रातः सुबह 6 बजे से अभिषेक, शांति धारा एवं विधान किया जाता है।

 

यह पर्व श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया जाता है। पर्व को लेकर बडागाँव नगर के सभी जैन मंदिरों के साथ-साथ प्रमुख जैन तीर्थ एवं अतिशय क्षेत्रों पर भी समाज के लोग पूजन करने जाते हैं।

 

दस लक्षण महापर्व जैन समाज का अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक पर्व है। यह पर्व व्यक्ति को बाहरी आडंबर से दूर होकर अपनी आत्मा की ओर देखने, आत्मचिंतन करने तथा आत्मशुद्धि का मार्ग अपनाने की प्रेरणा देता है। शहर के जैन मंदिरों के साथ अतिशय क्षेत्र दरगुवां जी, सिद्ध क्षेत्र आहार, नवागढ़, बंधा सहित विभिन्न जैन क्षेत्रों में भी पर्व को लेकर धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं।

 

दस लक्षण पर्व आत्मचेतना, आत्मजागृति, संयम, तप, त्याग, करुणा और क्षमाभाव के माध्यम से जीवन को श्रेष्ठ बनाने का संदेश देता है। इन दिनों श्रद्धालु पूजा-अर्चना, अभिषेक, स्वाध्याय, सामायिक, ध्यान, उपवास, एकासन तथा विभिन्न प्रकार की तप-साधना करते हैं।

 

जैन समाज में पर्युषण पर्व को आत्मशुद्धि, संयम, तप और धर्म साधना का महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। यह केवल बाहरी उत्सव नहीं, बल्कि अपने भीतर झांकने और कर्मों की निर्जरा करने का अवसर है। पर्व के दौरान श्रद्धालु क्रोध, मान, माया और लोभ जैसे कषायों से दूर रहने तथा अहिंसा, सत्य, संयम और क्षमा को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लेते हैं।

 

दस लक्षण धर्म के माध्यम से मनुष्य को क्षमा, मार्दव, आर्जव, शौच, सत्य, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य और ब्रह्मचर्य जैसे गुणों को जीवन में धारण करने की प्रेरणा मिलती है। प्रत्येक दिन इन गुणों पर चिंतन एवं मनन कर आत्मकल्याण की दिशा में आगे बढ़ने का प्रयास किया जाता है।

 

पर्युषण पर्व का सबसे महत्वपूर्ण संदेश क्षमा और मैत्रीभाव है। वर्षभर में जाने-अनजाने मन, वचन अथवा कर्म से किसी को दुख पहुंचा हो तो उसके लिए क्षमा मांगना और दूसरों को भी हृदय से क्षमा करना जैन धर्म की महान परंपरा है।

 

इसी भावना के साथ सभी जीवों से क्षमा याचना की जाती है। यह पर्व मनुष्य को अहंकार और वैरभाव छोड़कर प्रेम, करुणा और आत्मीयता के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देता है।

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रामजी तिवारी मड़ावरा

चीफ एडिटर – स्वराज भास्कर

रामजी तिवारी मड़ावरा एक अनुभवी और निष्पक्ष पत्रकार हैं, जो उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश की जमीनी खबरों को सटीकता और विश्वसनीयता के साथ प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्षों के अनुभव के साथ, उनका उद्देश्य समाज तक सच्ची, निष्पक्ष और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है।

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