ललितपुर जनपद न्यायालय कर्मचारियों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ की जिला शाखा ने रविवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन राज्य मंत्री श्रम एवं सेवायोजन मनोहर लाल पंथ और सदर विधायक रामरतन कुशवाहा को सौंपा। कर्मचारियों ने शासन स्तर पर लंबित सेवा संबंधी मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण कराने की मांग की।

संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि लंबे समय से कई मांगें शासन स्तर पर लंबित हैं, लेकिन अभी तक इन पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। संघ ने चेतावनी दी कि यदि मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो 25 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में प्रदेशभर के जनपद न्यायालय कर्मचारी सत्याग्रह करेंगे।
दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर जिला शाखा ललितपुर के अध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में कर्मचारियों ने ज्ञापन सौंपा। संघ के सचिव सोम कार्तिकेय गोस्वामी ने बताया कि वर्ष 2021 और 2022 से जिला न्यायालय सेवा नियमावली में संशोधन के प्रत्यावेदन लंबित हैं। इसके अलावा न्यायालय के आदेश के अनुपालन में संविदा कर्मियों के वेतन में बढ़ोतरी और नियमितीकरण, जनपद न्यायालयों में समाप्त किए गए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के पद का पुनर्सृजन तथा 4600 ग्रेड पे वाले लिमिटेड कर्मचारियों को विभाग के अन्य राजपत्रित पदों पर पदोन्नति दिए जाने की मांग भी लंबित है।

कर्मचारियों ने मकान किराया भत्ता की दरों में पुनरीक्षण तथा लिपिकीय भर्ती के स्तर पर शैक्षणिक योग्यता स्नातक निर्धारित करने के साथ ग्रेड पे 2800 (लेवल-5) दिए जाने की मांग भी उठाई।
संघ के झांसी मंडल सचिव शुभम जैन ने बताया कि मांगों के समर्थन में 2 अक्टूबर को शांतिपूर्ण तिरंगा यात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद भी शासन स्तर से मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 25 अक्टूबर को प्रदेश के विभिन्न जनपदों से न्यायालय कर्मचारी लखनऊ पहुंचकर सत्याग्रह में शामिल होंगे।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला शाखा संरक्षक रामशरण निराला, जितेंद्र शर्मा, कोषाध्यक्ष शिव प्रताप सिंह, उपाध्यक्ष विनोद जैन, छोटेलाल, ऑडिटर विवेक प्रजापति, रवि कुमार श्रीवास्तव, शंकर, नारायण, अरविंद जैन, जितेंद्र झां, विश्वनाथ , प्रदीप द्विवेदी, देवेश अग्रवाल सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।









