टीकमगढ़। शहर की छोटी देवी रोड पर एक गाय माता के कीटनाशक जैसा जहरीला पदार्थ खा लेने से उसकी हालत गंभीर हो गई और वह मरणासन्न अवस्था में पहुंच गई। इसकी जानकारी मिलते ही आसरा गौ सेवा केंद्र के गौसेवक तत्काल मौके पर पहुंचे और गाय का उपचार शुरू किया।

गौसेवकों ने गाय को प्राथमिक उपचार देते हुए पंपिंग की, जिसके बाद गाय में हरकत दिखाई देने लगी और वह जीवित हो गई। इसके बाद उसे बोतल एवं आवश्यक इंजेक्शन लगाए गए तथा उसकी देखरेख शुरू की गई।
धर्म प्रभावना समिति के अध्यक्ष नरेंद्र जनता ने कहा कि यह टीकमगढ़ की धरती का पुण्य है कि समय पर गौसेवकों के पहुंचने से गाय माता का जीवन बच गया। उन्होंने शहरवासियों एवं सभी समाज के लोगों से अपील की कि कीटनाशक दवाइयां, जहरीले पदार्थ, बिलेट तथा सड़ी-गली सब्जियां पॉलीथिन में भरकर खुले में न फेंकें। ऐसी लापरवाही से गोवंश सहित अन्य पशु भी इन पदार्थों को खाकर गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि गौवंश की सुरक्षा केवल गौसेवकों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। स्वच्छता के साथ-साथ हमें यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि कचरे में किसी प्रकार का जहरीला पदार्थ या पॉलीथिन न हो।
इस दौरान आसरा गौ सेवा केंद्र के गौसेवकों सहित अनेक लोग मौजूद रहे। सभी ने समय पर पहुंचकर गाय माता का जीवन बचाने वाले गौसेवकों का धन्यवाद एवं सराहना की।

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