सोने से पहले एक ऐसा संकल्प लें जो सुबह उठने को मजबूर कर दे: पुष्पगिरी तीर्थ में गणाचार्य पुष्पदंत सागर जी के सानिध्य में आयोजित धर्मसभा में गूंजे आचार्य श्री के ओजस्वी विचार

पुष्पगिरी सोनकच्छ (औरंगाबाद):
परम पूज्य पुष्पगिरी तीर्थ प्रणेता गणाचार्य श्री पुष्पदंत सागर जी महाराज के पावन सानिध्य में अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज एवं उपाध्याय श्री पीयूष सागर जी महाराज ससंघ पुष्पगिरी तीर्थ पर वर्षायोग हेतु विराजमान हैं। इस पावन चातुर्मास की श्रृंखला में प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम व ज्ञान गंगा प्रवाहित हो रही है।
इसी क्रम में विशाल धर्मसभा में उपस्थित गुरुभक्तों को संबोधित करते हुए अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज ने जीवन के गहरे आध्यात्मिक पहलुओं को उजागर करते हुए कहा कि:
“ध्यान रखना! गृह प्रवेश का तो मुहूर्त होता है, परंतु गृह त्याग (वैराग्य) का कोई मुहूर्त नहीं होता। जन्म, मृत्यु और वैराग्य—ये तीनों किसी पंचांग या मुहूर्त के मोहताज नहीं होते। जन्म लेने वाला बालक मुहूर्त देखकर नहीं आता और मृत्यु को प्राप्त होने वाला व्यक्ति मुहूर्त देखकर नहीं मरता।”
ज्योतिषी का किस्सा सुनाकर दिया टालमटोल न करने का संदेश
आचार्य श्री ने एक रोचक प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि अयोध्या के एक बहुत बड़े ज्योतिषी ने घोषणा की थी कि वे एक निश्चित तारीख और समय पर मृत्यु को प्राप्त होंगे। यह खबर सुनकर देश का पूरा मीडिया अयोध्या पहुंच गया। सब समय बीतने का इंतजार कर रहे थे। मृत्यु का समय मात्र 30 मिनट बचा, फिर वह समय भी बीत गया, लेकिन वह ज्योतिषी तब भी दूसरों की कुण्डली ही देखता रहा।

आप सभी को रक्षाबंधन पर्व की बहुत बहुत शुभकामनाएं
आचार्य श्री ने इस माध्यम से सीख दी कि जीवन का कोई भरोसा नहीं है।
जीवन की 3 बातों पर कभी न करें अंधा भरोसा
अंतर्मना आचार्य श्री ने श्रद्धालुओं को सचेत करते हुए कहा कि जीवन में तीन चीजों पर कभी बहुत ज्यादा भरोसा नहीं करना चाहिए:
मन
सांस
पुण्य
ये तीनों कभी भी धोखा दे सकते हैं। इसलिए जीवन में जब भी शुभ विचार आएं, उन्हें तुरंत अमल में लाएं।
शुभ विचारों की ‘भ्रूण हत्या’ न होने दें
आचार्य श्री ने मर्मस्पर्शी संदेश देते हुए कहा, “अच्छे विचार मन में कभी-कभी ही आते हैं। अगर उन्हें भी पूरा करने में टाल-मटोल किया, तो वे यूं ही दम तोड़ देंगे। यह तो शुभ विचारों की भ्रूण हत्या करने जैसा होगा। इसलिए समझदार इंसान को चाहिए कि वह शुभ कार्य को आज, अभी और इसी वक्त पूरा कर ले, और पाप कर्म को कल पर टाल दे।”
उन्होंने भक्तों का आह्वान करते हुए कहा कि रोज रात को सोने से पहले एक ऐसा संकल्प जरूर लें, जो आपको सुबह उठने के लिए मजबूर कर दे यह संपूर्ण जानकारी प्रचार-प्रसार संयोजक नरेंद्र अजमेरा एवं पीयूष कासलीवाल (औरंगाबाद) द्वारा प्रदान की गई है।









