ललितपुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय वरदानी भवन में दादी प्रकाशमणि जी की पावन स्मृति में आयोजित *“विश्व बंधुत्व रक्तदान अभियान-2026”* में सेवा, करुणा और भाईचारे की ऐसी अद्भुत तस्वीर देखने को मिली, जिसने रक्तदान को केवल एक सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि मानवता की धड़कनों को जीवन देने वाला आध्यात्मिक जनआंदोलन बना दिया।

*इस पुनीत अभियान में आज के सुपरहिट रक्तवीरों में एड० सत्यनारायण साहू, भगवान दास कुशवाहा, सत्येंद्र कुमार यादव, सुनील चौरसिया, ब्रजकिशोर भाई, एड० रामस्वरूप साहू, चंदा देवी साहू, नरेंद्र कुमार सिंह, शिवम साहू, क्रांति चौरसिया, रूपेश साहू, कुनाल साहू, हरिओम साहू, नितिन कुमार निरंजन, बीके मायारानी दीदी, बीके प्रीती दीदी, बीके प्रियंका बहन, पुष्पेंद्र साहू, परवीन गुप्ता, रेनू बहन, हिमांशु नरवरिया, वंदना वर्मा, मयंक वर्मा, कमल कुमार ने स्वैच्छिक रक्तदान कर मानव सेवा की मिसाल पेश की।*
कार्यक्रम में राजयोगिनी बीके चित्ररेखा दीदी जी ने दादी प्रकाशमणि जी के जीवन की महान विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए सेवा, प्रेम, करुणा और विश्व बंधुत्व के मूल्यों को जीवन में धारण करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए बीके मायारानी दीदी ने कहा कि “रक्तदान केवल रक्त देने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि मानवता की धड़कनों को जीवन देने वाला आध्यात्मिक जनआंदोलन है।” उन्होंने प्रेरक संदेश देते हुए कहा—
*“ज्ञान से जागृति, योग से शक्ति और रक्तदान से मानवता की सेवा—यही सच्ची सेवा का सुंदर संगम है।”*
बड़ी दीदी ने भावपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि जब किसी अनजान व्यक्ति की धड़कनें आपके रक्त से फिर जीवन की ओर लौटती हैं, तब वह केवल रक्तदान नहीं रहता, बल्कि मानवता के प्रति प्रेम, करुणा और भाईचारे की जीवंत अभिव्यक्ति बन जाता है। रक्त की एक छोटी-सी बूंद किसी परिवार के लिए उम्मीद की पूरी दुनिया बन सकती है।
दुर्घटना में घायल व्यक्ति, प्रसूता माता, थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चे, कैंसर रोगी तथा जटिल शल्य चिकित्सा से गुजर रहे मरीजों को कभी भी रक्त की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे समय में स्वस्थ व्यक्ति द्वारा किया गया स्वैच्छिक रक्तदान किसी के जीवन में आशा की नई किरण बन सकता है। *मानव रक्त का पूर्ण कृत्रिम विकल्प उपलब्ध न होने के कारण स्वैच्छिक रक्तदान का महत्व और भी बढ़ जाता है।*
*“परोपकाराय सतां विभूतयः”* की भावना को साकार करते हुए ब्रह्माकुमारी संस्था आध्यात्मिक ज्ञान के साथ सामाजिक सेवा और मानव कल्याण के क्षेत्र में भी निरंतर प्रेरणादायी कार्य कर रही है। इसी सेवा भावना को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से *ब्रह्माकुमारीज सेवा प्रभाग एवं RERF द्वारा संपूर्ण भारत एवं नेपाल में “विश्व बंधुत्व रक्तदान अभियान-2026”* आयोजित किया जा रहा है।
यह अभियान केवल रक्तदान शिविरों की श्रृंखला नहीं, बल्कि आध्यात्मिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व, राष्ट्रीय एकता और विश्व बंधुत्व का विराट जन-जागरण अभियान बनकर सामने आ रहा है।
*“रक्त की हर बूंद किसी की जिंदगी की नई सुबह बन सकती है।”*
*“आइए, ज्ञान से जीवन बदलें, योग से शक्ति पाएं और रक्तदान से मानवता बचाएं।”*
शिविर में रक्तवीरों और सेवाधारियों ने अपने सेवा-संकल्प से यह सिद्ध कर दिया कि मानव सेवा ही सच्ची सेवा है और परोपकार ही जीवन की सबसे सुंदर पहचान है। रक्तवीरों की इस पहल ने समाज के अन्य लोगों को भी स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रेरित किया।
ब्लड बैंक से आए डॉक्टर विमल जी ने रक्तदान के फायदे बताएं एवं उनकी टीम के से ही यह कार्य सहित सफल हुआ।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी रक्तवीरों एवं सेवाधारियों के सम्मान में श्रद्धापूर्वक ब्रह्मा-भोग स्वीकार कराया गया। इसके पश्चात सभी रक्तवीरों को प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता के ईश्वर्या स्मृति स्वरूप सौगात भेंट कर सम्मानित किया गया। रक्तवीरों ने इस सम्मान को सेवा के प्रति प्रोत्साहन तथा दादी प्रकाशमणि जी की पावन स्मृति का आशीर्वाद प्राप्त किया।
*रक्तदान महादान है, सेवा महान है और मानवता से बढ़कर कोई धर्म नहीं।*









