मड़ावरा : वर्णी पुरम् हंसेरा /- वर्णी संस्थान विकास सभा जनकल्याण समिति एवं विचार संस्था सागर के तत्वावधान में स्वतंत्रता दिवस ( 15 अगस्त 2026) शानिवार को वर्णी परम् हंसेरा में ध्वजारोहण कार्यक्रम जन्मभूमि स्मारक पर वर्णी बाल संस्कार केंद्र के विद्यार्थियों के साथ ग्रामीण जन की उपस्थित में स्मारक के उप अधिष्ठाता पं. देवेंद्र शास्त्री मड़ावरा ध्वजारोहण किया। इसके बाद बाल संस्कार केंद्र के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई छोटे से ग्राम की प्रतिभाओं की सभी ने प्रशंसा की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ.शिखरचंद जैन मड़ावरा, ग्राम प्रधान छत्रपाल सिंह विशिष्ट अतिथि डी.के.सराफ, सुरेश शास्त्री केवलारी, विनोद जैन शास्त्री, राजीव जैन कार्यक्रम अध्यक्षता विनोद जैन एलआईसी सागर ने की

कार्यक्रम का संचालन संयोजक मनीष विद्यार्थी एवं शिक्षिका रुक्मणी तोमर किया। आभार
महामंत्री कैलाश जैन टीला ने माना
बाल संस्कार केंद्र के प्रतिभावान छात्रों का सम्मान महिला प्रकोष्ठ की महामंत्री श्रीमती रश्मि जैन ने किया। इसके बाद नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत जागरूकता रैली निकल गई जिसमें बच्चों के साथ ग्रामीण जन भी शामिल हुए। छात्राओं ने संकल्प लिया, कि हम उस घर में शादी करेंगे, जिस घर में कोई नशा नहीं करता होगा। इसके बाद ग्राम पंचायत प्रधान छत्रपाल सिंह ने ग्राम पंचायत पार्क का नाम गणेश प्रसाद वर्णी उद्यान नामकरण किया सभी पार्क पहुंचकर वृक्षारोपण किया जिसमें 100 आंवला के वृक्ष लगाए गए और सभी की उपस्थिति में नामकरण की पट्टीका का विमोचन कर ग्राम के एक महापुरुष जिनकी याद में अब पार्क का नाम उनके नाम से जाना जाएगा।

इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए ग्राम प्रधान छत्रपाल सिंह हसेरा , डीके सराफ मड़ावरा, चंद्रेश शास्त्री भोपाल, कैलाश जैन टीला, मनीष विद्यार्थी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।कार्यक्रम मुख्य अतिथि डॉ. शिखर चंद्र जैन मड़ावरा ने बताया की वर्णी जी भले ही इस ग्राम में जन्म लिया हो, लेकिन पूरे देश में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए इनका नाम जाना जाता हैं। ग्राम प्रधान छत्रपाल सिंह ने कहा कि हम लोगों का सौभाग्य हैं कि हमारे नगर का नाम वर्णी जी की कर्म भूमि के नाम से जाना जाता हैं। डी.के सराफ ने बताया की नगर मड़ावरा में 30 वर्षों से वर्णी विद्यालय चल रहा है और एक और विद्यालय की निर्माण कार्य चल रहा है,वर्णी जी ने 100 से ज्यादा विद्यालयों की स्थापना कर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया और इस क्षेत्र का नाम रोशन किया।वह बुंदेलखंड के गांधी के नाम से भी प्रसिद्ध रहें। स्वतंत्रता संग्राम में सहभागिता के अनेक संस्मरण वर्णी जी के हैं।










