*” जाह्न्वी के तट पर बही देश प्रेम की गंगा”*

*विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि, देशभक्ति, सांस्कृतिक आस्था और तिरंगे के प्रति सम्मान का अनूठा संगम स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर काशी के आध्यात्मिकता से ओतप्रोत पौराणिक सिंधिया घाट पर देखने को मिला। नमामि गंगे और महर्षि वेद विज्ञान विश्व विद्यापीठम् के संयुक्त तत्वाधान में विकसित भारत की सिद्धि और राष्ट्र कल्याण के लिए मां गंगा के पावन तट पर वैदिक मंत्रोचार के बीच विशेष आरती का आयोजन किया गया ।

नमामि गंगे काशी क्षेत्र के संयोजक व नगर निगम के स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर राजेश शुक्ला के संयोजन में देश की समृद्धि, एकता, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की कामना के साथ मां गंगा और भारत माता की आरती उतारकर उनके चरणों में शीश नवाया गया। राष्ट्रध्वज तिरंगे के प्रति अपनी अगाध निष्ठा प्रकट करते हुए वेदपाठी बटुकों ने स्वस्तिवाचन का पाठ करते हुए नमन किया। आयोजन के मुख्य अतिथि महर्षि वेद विज्ञान विश्व विद्यापीठम् के प्रभारी सुनील श्रीवास्तव व प्रबंधक श्रीमंत स्वाई रहे ।

गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लाल किला से विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि के लिए युवा और महिला शक्ति पर जोर दिया है। देश नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ रहा है । विकसित भारत के संकल्प को प्राप्त करने के लिए पर्यावरण संरक्षण अपनाना बहुत जरूरी है । समृद्ध और शक्तिशाली भारत प्रत्येक देशवासी का संकल्प होना चाहिए। आयोजन में महर्षि वेद विज्ञान विश्व विद्यापीठम् के आचार्य पंडित राकेश मिश्रा सहित सैकड़ो की संख्या में वेदपाठी बटुक शामिल रहे।*









