महरौनी,ललितपुर।

साहित्य भारती समिति महरौनी की मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन श्री मूरत सिंह मेमोरियल स्कूल में पं. सुखनंदन तिवारी की अध्यक्षता में हुआ। शुभारंभ मां सरस्वती के पूजन-अर्चन एवं वंदना से किया गया।
गोष्ठी में हलकरन चंचल ने सरस्वती वंदना सहित सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रचनाएं प्रस्तुत कीं। हर प्रसाद रावत ने बेटी पर भावपूर्ण रचना सुनाकर बेटी के सम्मान और अधिकार का संदेश दिया। अनिरुद्ध सिंह राठौर ने अभिमन्यु के चक्रव्यूह भेदन पर रचना प्रस्तुत की। प्रेम नारायण नायक ने भावपूर्ण, जबकि रामेश्वर प्रसाद सोनी ने वीर रस की रचना सुनाई।
छमाधार प्रसाद क्षमा ने ‘आंगन की आन है बेटी, भवन की शान है बेटी’ के साथ पर्यावरण संरक्षण पर रचना प्रस्तुत कर खूब सराहना बटोरी। असरार अली ने राष्ट्रीय एकता पर रचना एवं संस्मरण, कैलाश नारायण सिसोदिया ने राष्ट्रभक्ति व बालिका विषयक रचना, थोब लाल ने निर्गुण रचना तथा राजेश कुमार तिवारी ने बर्बाद होती फसलों पर रचना प्रस्तुत की। प्रभु दयाल राय ने लोक रचना सुनाई।

गोष्ठी में बेटी को समान अधिकार एवं सम्मान देने, बालिका शिक्षा, उचित देखभाल, नशामुक्ति, आडंबर, दहेज प्रथा एवं बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन पर भी विचार व्यक्त किए गए। सभी रचनाओं पर उपस्थितजनों ने करतल ध्वनि से कवियों का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर पं. सुखनंदन तिवारी, रामेश्वर रिछारिया, प्रेम नारायण नायक, रामेश्वर प्रसाद सोनी, छमाधार प्रसाद क्षमा, असरार अली, थोब लाल, कैलाश नारायण सिसोदिया, संस्था अध्यक्ष महिपाल सिंह सिकरवार, हलकरन चंचल, प्रभु दयाल राय, रामेश्वर प्रसाद, अनिरुद्ध सिंह राठौर एवं राजबहादुर खरे सहित संभ्रांतजन उपस्थित रहे। संचालन राजेश कुमार तिवारी ने किया। अंत में संस्था अध्यक्ष महिपाल सिंह सिकरवार ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।









