छत्रपति संभाजीनगर। श्री खंडेलवाल दिगंबर जैन पंचायत पार्श्वनाथ मंदिर, राजाबाजार में दस दिवसीय पर्युषण महापर्व का भव्य शोभायात्रा के साथ समापन हुआ। आचार्य श्री विनम्रसागरजी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में आयोजित शोभायात्रा अत्यंत अनुशासित एवं भक्तिमय वातावरण में निकाली गई।

बैंड पथक की मधुर धुनों के साथ शोभायात्रा राजाबाजार जैन मंदिर से प्रारंभ होकर राजाबाजार, किराना चावड़ी, शहागंज, संस्थान गणपति चौक होते हुए पुनः राजाबाजार मार्ग से जैन मंदिर पहुंची। शोभायात्रा में पुरुषों ने सफेद वस्त्र तथा महिलाओं ने केसरिया साड़ियां धारण की थीं।
शोभायात्रा में भगवान की पालकी के आगे सिर पर कुंभ-कलश लेकर चलने एवं इंद्र-इंद्राणी बनने का सौभाग्य किरणदेवी-शैलेंद्र, राजेश-मयूर, प्रणय सेठी परिवार को प्राप्त हुआ। भगवान महावीर की प्रतिमा को पालकी में विराजमान करने का सौभाग्य पवन-कनकमाला, रितेश-कलश ठोले परिवार को मिला।
पालकी की पहली डंडी का सौभाग्य प्रमोद राजकुमार पाडे, दूसरी डंडी श्रीपाल लोहाड़े (मामाजी), तीसरी डंडी महावीर मदनलालजी काला तथा चौथी डंडी जितेंद्र महेंद्र लोहाड़े को प्राप्त हुई। पालकी पर जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान के दर्शन किए।
शोभायात्रा के दौरान “भगवान महावीर का क्या संदेश—जियो और जीने दो”, “पर्युषण महापर्व की जय” तथा “उपवास करने वालों की जय-जयकार” जैसे जयघोषों से वातावरण भक्तिमय हो गया। शोभायात्रा में सैकड़ों महिला-पुरुष एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
इसके पश्चात शाम को भगवान शांतिनाथ का पंचामृत अभिषेक किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। दिनभर चले धार्मिक आयोजन का समापन भगवान की महाआरती के साथ हुआ।
महोत्सव को सफल बनाने के लिए खंडेलवाल दिगंबर जैन पंचायत के विश्वस्त मंडल एवं समाजबंधुओं ने विशेष परिश्रम किया। यह जानकारी प्रचार-प्रसार संयोजक नरेंद्र अजमेरा एवं पियूष कासलीवाल ने दी।








