*हावड़ा। श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर, डबसन रोड़, हावड़ा में भाद्रपद शुक्ल अष्टमी (19 सितम्बर 2026, शनिवार) को ‘दशलक्षण पर्व’ का चतुर्थ दिवस “उत्तम शौच धर्म” अत्यंत हर्षोल्लास एवं भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर प्रात:कालीन अभिषेक, शांतिधारा, विशेष पूजन एवं विधान का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया।*

*आज ही के शुभ दिन नवम तीर्थंकर 1008 श्री पुष्पदंत नाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक महोत्सव भी सामूहिक रूप से मनाया गया। धार्मिक मान्यतानुसार आज ही के दिन पुष्पदंत भगवान शाश्वत सिद्ध क्षेत्र श्री सम्मेद शिखर जी के ‘सुप्रभ कूट’ से मोक्ष (निर्वाण) पधारे थे। इस पावन अवसर पर सभी पुण्यात्मा बंधुओं ने गाजे-बाजे एवं अपार भक्तिभाव के साथ पुष्पदंत नाथ भगवान के चरणों में शीश झुकाते हुए निर्वाण लाडू अर्पित किया।*
*सम्पूर्ण धार्मिक अनुष्ठान आदरणीय पंडित श्री जितेंद्र जी जैन शास्त्री के पावन सानिध्य में सानंद एवं विधि-विधानपूर्वक सम्पन्न हुआ।*
*इस अवसर पर स्थानीय जैन समाज के अनेक गणमान्य एवं साधर्मी बंधु उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से श्री सुभाष पांड्या, सुशील पांड्या, भागचंद बडजात्या, सुरेश गंगवाल, अचल जैन, विनोद गंगवाल, प्रकाश जी पहाड़िया, डूंगरमल जी गंगवाल, सुनील पांड्या, अविनाश लुहाड़िया, नितेश जैन, नीरज जैन एवं राजेश अजमेरा शामिल थे।*
*कार्यक्रम के अंत में सभी महानुभावों ने एक-दूसरे को ‘उत्तम शौच धर्म’ एवं भगवान पुष्पदंत नाथ के मोक्ष कल्याणक की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।*









