ललितपुर : मुख्यालय स्थित बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में एंटी करप्शन टीम ने गुरुवार को कार्रवाई करते हुए पेंशन पटल पर तैनात वरिष्ठ सहायक राजेश कुशवाहा को कथित तौर पर पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। कार्रवाई उस समय हुई, जब 82 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक अपने महंगाई भत्ते के एरियर की करीब 30 से 40 हजार रुपये की धनराशि प्राप्त करने के लिए कार्यालय पहुंचे थे। तालबेहट निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक मदनमोहन नामदेव वर्ष 2007 में माताटीला क्षेत्र के वनगुवां कलां स्थित प्राथमिक विद्यालय से सेवानिवृत्त हुए थे। उनकी उम्र वर्तमान में 82 वर्ष है। सेवानिवृत्त शिक्षक के अनुसार उनका महंगाई भत्ते का एरियर करीब 30 से 40 हजार रुपये अगस्त माह में आया था। उक्त धनराशि प्राप्त करने के लिए वह करीब एक माह से विभागीय कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। सेवानिवृत्त शिक्षक के मुताबिक पेंशन पटल पर तैनात वरिष्ठ सहायक राजेश कुशवाहा ने कथित तौर पर एरियर की धनराशि निकालने के एवज में उनसे पांच हजार रुपये की मांग की। सेवानिवृत्त शिक्षक ने बताया कि आठ सितंबर को हुई बातचीत के बाद उन्होंने 10 सितंबर को कार्यालय आकर रुपये देने की बात कही। इसके बाद सेवानिवृत्त शिक्षक ने गुरुवार सुबह पूरे मामले की जानकारी एंटी करप्शन टीम को दी। शिकायत के आधार पर टीम ने कार्रवाई की रणनीति तैयार की और कार्यालय में अपना जाल बिछाया। बताया गया कि तय योजना के अनुसार सेवानिवृत्त शिक्षक रुपये लेकर बीएसए कार्यालय पहुंचे। इसी दौरान एंटी करप्शन टीम ने पेंशन पटल के वरिष्ठ सहायक राजेश कुशवाहा को कथित रूप से पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। टीम की कार्रवाई से कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के बाद एंटी करप्शन टीम ने संबंधित कर्मचारी के खिलाफ आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई शुरू कर दी। टीम द्वारा कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी मांगी गई। बताया गया कि फुटेज उपलब्ध कराने में टीम को करीब एक घंटे से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ा। एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई की जानकारी फैलते ही बीएसए कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया गया कि दोपहर करीब डेढ़ से दो बजे के बीच कार्यालय में तैनात कुछ कर्मचारी लंच ब्रेक का हवाला देते हुए टिफिन लेकर बाहर निकल गए। वहीं कार्रवाई के दौरान पकड़े गए वरिष्ठ सहायक राजेश कुशवाहा से संबंधित दस्तावेजी प्रक्रिया टीम द्वारा पूरी की जाती रही।

उक्त कार्यवाही पर लोगों ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जनपद के अन्य ब्लाक संसाधन केंद्रों पर भी फैले भ्रष्टाचार पर लगाम लगनी चाहिए और भ्रष्टाचारियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए









