छत्रपति संभाजीनगर : कचनेर स्थित सुप्रसिद्ध श्री 1008 चिंतामणि पार्श्वनाथ दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र में ‘दक्षिण के महावीरजी’ के नाम से प्रसिद्ध भगवान चिंतामणि पार्श्वनाथ के भव्य मंदिर के निर्माण कार्य का शिलान्यास समारोह अत्यंत भक्तिभाव एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ। परम पूज्य दिगंबराचार्य चर्याशिरोमणि पट्टाचार्य श्री 108 विशुद्ध सागरजी महाराज के पावन आशीर्वाद एवं प्रेरणा से आयोजित इस समारोह में देशभर से हजारों जैन श्रावक-श्राविकाएं एवं धर्मानुरागी श्रद्धालु उपस्थित रहे।

खंडित प्रतिमा के स्वयं जुड़ जाने के अद्भुत इतिहास के कारण कचनेर क्षेत्र को विशेष धार्मिक महत्त्व प्राप्त है। इसी पवित्र भूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण का शुभारंभ होने से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह एवं आनंद का वातावरण रहा।
प्रतिष्ठाचार्य श्री चंद्रकांत गुंडप्पा पंडित (इंडी) के मार्गदर्शन में शास्त्रोक्त मंत्रोच्चार के साथ शिलान्यास के धार्मिक विधि-विधान संपन्न हुए। प्रातः 5 बजे मांगलिक विधान, भूमिशुद्धि एवं शिलाशुद्धि विधान के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। प्रातः 8 बजे मुख्य शिलान्यास समारोह संपन्न हुआ। मंत्रोच्चार, ढोल-ताशों की गूंज और भगवान पार्श्वनाथ के जयघोष के बीच पवित्र शिला की स्थापना की गई।
समारोह के पश्चात प्रातः 10:30 बजे उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए वात्सल्य भोज एवं महाप्रसाद का आयोजन किया गया।
मंदिर निर्माण कार्य में पुण्यार्जन के लिए श्रद्धालुओं ने भी उत्स्फूर्त सहभागिता दर्ज कराई। स्व. डॉ. सुगनचंदजी केवलचंदजी कासलीवाल की पावन स्मृति में तथा श्रीमती मंगलादेवी की प्रेरणा से श्री संजयजी एवं सौ. मेघाजी कासलीवाल तथा समस्त कासलीवाल परिवार, आडुळवाला (कासलीवाल कंस्ट्रक्शन, छत्रपति संभाजीनगर) ने मंदिर शिलान्यास का प्रमुख पुण्यार्जन किया।
महाप्रसादी का पुण्यार्जन स्व. श्री मोतीलालजी एवं प्रकाशचंदजी पहाड़े की पावन स्मृति में तथा श्रीमती प्रतिभाजी की प्रेरणा से श्री अभिजीतजी-सौ. श्रुतीजी, श्री अंकितजी-सौ. प्रज्ञाजी, श्री सौरभजी-सौ. प्रियंकाजी, चि. अर्णव, चि. आदित, चि. चिरायु, चि. आरव, कु. अजिता एवं समस्त पहाड़े परिवार, कौलाना-मालेगांव ने किया।
श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ भगवान की वेदी एवं भगवानजी को विराजमान कराने का पुण्यार्जन करने का सौभाग्य श्रीमान सुनीलकुमारजी सुंदरलालजी पाटणी परिवार, अंधारी, छत्रपति संभाजीनगर को प्राप्त हुआ। वहीं श्री आदिनाथ भगवान की वेदी एवं भगवानजी को विराजमान कराने का पुण्यार्जन करने का सौभाग्य श्रीमान निलमकुमारजी चंपालालजी अजमेरा परिवार, उस्मानाबाद को प्राप्त हुआ।
समारोह में प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित नहीं हो पाने वाले श्रद्धालुओं के लिए ‘चिंतामणि दर्शन Live Stream’ YouTube माध्यम से समारोह का सीधा प्रसारण किया गया। इसके माध्यम से देश-विदेश के श्रद्धालुओं ने भी इस ऐतिहासिक धार्मिक समारोह का लाभ लिया।
समारोह के सफल आयोजन के लिए समस्त विश्वस्त मंडल, कार्यकारिणी मंडल, सकल जैन समाज एवं कचनेर ग्रामवासियों ने अथक परिश्रम किया।
“यह शिलान्यास समारोह भावी पीढ़ियों के लिए आस्था, संस्कृति एवं धर्म-संरक्षण की अमर प्रेरणा का स्रोत बनेगा,” ऐसी जानकारी प्रचार-प्रसार संयोजक नरेंद्र अजमेरा एवं पियुष कासलीवाल, औरंगाबाद ने दी।









