*हावड़ा, [२२-०८-२६]: विवेक विहार बंगवासी (हावड़ा) में विराजमान परम पूज्य आचार्य श्री वसुनंदी जी महामुनिराज ससंघ के पावन चातुर्मास के दौरान जिनधर्म प्रभावना का अलौकिक और भव्य वातावरण देखने को मिल रहा है। श्रावण सुदी दशमी के पावन अवसर पर यहाँ श्री शांतिनाथ विधान एवं धर्म सभा का अत्यंत भव्य आयोजन किया गया,जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने शिरकत कर धर्म लाभ अर्जित किया।*

*प्रातःकाल की शुरुआत भगवान जिनेंद्र देव के मंगल अभिषेक एवं शांतिधारा से हुई। आचार्य श्री के सानिध्य में 50 से अधिक भव्य जीवों ने अत्यंत भक्ति भाव और मंत्रोच्चार के साथ शांतिधारा संपन्न की।*
*तत्पश्चात, संगीतमय सर्व रिद्धि-सिद्धि दायक 1008 श्री शांतिनाथ विधान एवं मंगल पूजन का शुभारंभ हुआ। मधुर भजनों और मंत्रों की गूंज के बीच 500 से अधिक साधर्मी बंधुओं ने विधान में अर्घ समर्पित कीं और अपूर्व पुण्य का संचय किया।*
*कार्यक्रम के दौरान हावड़ा डबसन से आए श्री सुजीत जैन (सोनू भैया) ने कहा, “प्रभु भक्ति के इस पावन अवसर पर उपस्थित होकर मन अत्यंत प्रफुल्लित है। मैं सभी साधर्मी बंधुओं की इस निष्काम भक्ति की भूरी-भूरी अनुमोदना करता हूँ।”*
*वहीं, रिसड़ा जैन समाज से पधारे श्री निरंजन जी बाकलीवाल ने अपने भाव व्यक्त करते हुए कहा, “आचार्य श्री के संघ का दर्शन और इस भव्य विधान में सहभागिता करने का सौभाग्य मिलना हमारे पूर्व पुण्यों का फल है। यहाँ का आध्यात्मिक वातावरण मन को शांति देने वाला है।”*
*विधान पूजन के उपरांत आयोजित धर्मसभा में महामुनिराज ने कोलकाता एवं बृहतर कोलकाता से पधारे अपार जनसमूह को अपना अमूल्य आशीर्वाद एवं धर्मोपदेश प्रदान किया। आचार्य श्री ने जीवन में संयम, शांति और प्रभु भक्ति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सभी को धर्म मार्ग पर निरंतर अग्रसर रहने की प्रेरणा दी।*
*आज के कार्यक्रम के अंत में आयोजकों एवं स्थानीय जैन समाज द्वारा पधारे हुए सभी अतिथियों व धर्मानुरागियों का आभार व्यक्त किया गया।*

जिला ब्यूरो ललितपुर
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