श्रीरामकथा महोत्सव में धूमधाम से मनाया गया प्रभु श्रीराम कि जन्मोत्सव

ललितपुर-श्री सिद्धपीठ चंडी मंदिर धाम पर सवा पांच करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण आयोजन में बुधवार को श्रद्धालुओं ने 20 लाख पार्थिव शिवलिंग निर्माण किया।वहीं प्रातःकालीन बेला में श्रीरूद्रमहायज्ञ में पीठ पूजन किया गया।पूजन व महारूद्राभिषेक प्रधान यजमान सवा पांच करोड़ मुख्य यजमान हरिशंकर साहू सहित अन्य सह यजमानों द्धारा किया गया।

श्रीरामकथा महोत्सव में प्रभुश्रीराम व माता सीता का विवाहोत्सव बडे धूमधाम से मनाया गया।प्रारम्भ में कथा के मुख्य यजमान डाॅ अनूप श्रीवास्तव,डाॅ रानी श्रीवास्तवने महापुराण की आरती की।तत्पश्चात श्रद्धालुओं को कथा का सोपान कराते हुए कथावाचक चन्द्रभूषण पाठक ने कहाकि उस मनुष्य का जीवन अंत्यंत दुर्लभ हैं।जिसने मानव की योनि में जन्म लेकर भी हरिनाम का जप नहीं किया।क्योंकि हरिनाम में अपार शक्ति है।उन्होंने कहाकि भगवान की कथा सुनने से अलौकिक आनंद की प्राप्ति होती है और मन में पनप रही सभी बुराइयों का नाश होता है और मन स्वस्थ हो जाता है। मन की अस्त-व्यस्तता ही मानसिक विकृतियों का कारण होती है। साधना में ध्यान भी आवश्यक है, ध्यान द्वारा मन एकाग्र होता है और उसकी चंचलता धीरे-धीरे समाप्त हो जाती है। इसीलिए ध्यान के क्षणों में मिलने वाला आत्मिक सुख एवं गहन शक्ति मन की सारी ग्रंथियों को तोड़ देती है और व्यक्ति अपने आप को हल्का-फुल्का महसूस करने लगता है…।

वहीं चंडीपीठाधीश्वराचार्य महामंडलेश्वर स्वामी चन्द्रेश्वर गिरि महाराज ने कहाकि हमारी प्रवृत्ति दूसरों की बाह्य अवस्था देखकर उनके बारे में अच्छे-बुरे की धारणाएं बनाने और केवल उनके दुर्गुणों को ढूंढ़ने की है। किन्तु यदि हम उनकी सतह के नीचे खोजेंगे तो हम पायेंगे कि असंख्य तत्त्व मिलकर एक व्यक्ति के स्वभाव के निर्माण करते हैं। दूसरों में हमें जो दोष दिखते हैं, वे विषम परिस्थितियों के परिणाम हो सकते हैं, या वे ऐसी मानसिक प्रतिक्रियायें हो सकती हैं, जो सदमें, आघात, शोषण, परित्याग, मोह भंग, असुरक्षा की भावना, पीड़ा, उलझन या रोग से उत्पन्न होती हैं।
आदर्श यदि जीवन में नहीं है तब भटकाव की संभावनाएं अधिक होती है। यदि मनुष्य के पास कोई ऐसा आदर्श नहीं है, जिसके लिए वह मर-मिट सके तो उसके पास ऐसा कुछ भी सार्थक नहीं है, जिसके लिए वह जीवन जीए। आप जैसा अपने लिए चाहते हैं, वैसा ही दूसरों के साथ व्यवहार करें। अपना अपमान नहीं चाहते तो दूसरों का अपमान करने का सोचें तक भी नहीं। आपको कोई ठग ले, ऐसा नहीं चाहते तो दूसरों को ठगने का विचार भी नहीं करें। आप किसी से दुःखी होना नहीं चाहते तो अपने मन, वचन, कर्म से दूसरा दुःखी न हो इसका अवश्य ध्यान रखें…।तत्पश्चात भागवत जी की महाआरती की गई।इस दौरान सैंकडो की संख्या में भक्तगण उपस्थित रहें। अपराह्न में श्रद्धालुओं द्धारा निर्मित पार्थिव शिवलिंग का पूजन व महारूद्राभिषेक किया गया।पार्थिव शिवलिंग का पूजन व महारूद्राभिषेक यज्ञाचार्य पं पवन शास्त्री द्धारा कराया गया।इस दौरान विहिप के संगठन महामंत्री अमन त्रिपाठी,नवल किशोर सोनी,डीजीसी राजेश दुबे ,डाॅ एसपी पाठक,अनूप मोदी,राहुल शुक्ला,अश्विनी पुरोहित,दिनेश पाठक,मनीष दुबे,शत्रुधन यादव,बाबा हीरानंद गिरि, आदि उपस्थित रहें।
हरि 🚩ॐ

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रामजी तिवारी मड़ावरा

चीफ एडिटर – स्वराज भास्कर

रामजी तिवारी मड़ावरा एक अनुभवी और निष्पक्ष पत्रकार हैं, जो उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश की जमीनी खबरों को सटीकता और विश्वसनीयता के साथ प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्षों के अनुभव के साथ, उनका उद्देश्य समाज तक सच्ची, निष्पक्ष और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है।

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