*श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर (डबसन) में गूंजे प्रभु के जयकारे, श्रद्धालुओं ने अर्पित किया मोक्ष ‘निर्वाण लाडू’*

*अभिषेक,शांतिधारा व विशेष पूजा-अर्चना के साथ आयोजित हुए धार्मिक अनुष्ठान*
*हावड़ा*
*श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर, डबसन (हावड़ा) में सावन सुदी सप्तमी के पावन अवसर पर जैन धर्म के २३वें तीर्थंकर, उपसर्ग विजेता भगवान पार्श्वनाथ का निर्वाण कल्याणक महोत्सव अत्यंत हर्षोल्लास, भक्ति एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में जैन धर्मावलंबियों ने मंदिर जी में उपस्थित होकर प्रभु चरणों में अपनी आस्था अर्पित की।*
*प्रातःकाल ६:०० बजे से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान पार्श्वनाथ के भव्य मस्तकाभिषेक,विश्व शांति की कामना हेतु शांतिधारा एवं सामूहिक पूजन से हुआ। इसके पश्चात उपस्थित साधर्मी बंधुओं के सानिध्य में निर्वाण कांड का पाठ करते हुए श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ ‘निर्वाण लाडू’ अर्पित किया।*
*इस अवसर पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए प्रतिमाधारी मिलाप चंद जैन जी ने भगवान पार्श्वनाथ के जीवन दर्शन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “भगवान पार्श्वनाथ क्षमा,अहिंसा, सत्य, अस्तेय और अपरिग्रह के साक्षात प्रतीक थे। उन्होंने अपने ऊपर घोर उपसर्ग करने वाले कमठ पर भी क्षमा की वर्षा कर पूरी दुनिया को मैत्री व करुणा का संदेश दिया। वर्तमान वैश्विक परिवेश में उनके बताए मार्ग पर चलना ही विश्व शांति का एकमात्र व्यावहारिक उपाय है।”*
*पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर “श्री पार्श्वनाथ भगवान की जय” और “जैनम जयतु शासनम” के गगनभेदी जयघोषों से गुंजायमान रहा।*
*कार्यक्रम को भव्य और सफल बनाने में समाज के अग्रणी महानुभावों—सुरेश जी गंगवाल,सुशील जी पांड्या,भागचंद जी बडजात्या,भानु प्रकाश जी कासलीवाल,धीरेन जैन, पंकज बगड़ा,सुरेंद्र जैन, सज्जन झांझरी,रमेश जैन, नितेश जैन,प्रतीक जैन, अविनाश लुहाड़िया,शशि काशलीवाल,पुष्पा गंगवाल सहित समस्त साधर्मी बंधुओं का सराहनीय योगदान रहा।*








