ललितपुर। श्री सिद्धपीठ चण्डी मंदिर धाम पर शारदीय नवरात्रि की पावन बेला पर माता के नौ स्वरूपों की स्थापना का पीठ पूजन व महाआरती चंडीपीठाधीश्वराचार्य महामंडलेश्वर स्वामी चन्द्रेश्वरगिरी जी महाराज के पावन सानिध्य व सदर विधायक रामरतन कुशवाहा के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। विधि विधान से पूजन किया गया। इस दौरान महाराज जी ने कहा कि असुरों ने जब-जब देवताओं को कष्ट दिए तब तब देवी शक्ति ही सहायक बनी। शुम्भ और निशुम्भ नामके दैत्यों ने देवराज इंद्र से त्रिलोकी का राज्य छीन लिया और देवताओं को स्वर्ग से बाहर निकल दिया । तब-तब देवताओं ने आदिशक्ति ने वरदान दिया था, कि जब-जब देवता संकट में होंगे वे स्वयं प्रकट होकर उनका संकट निवारण करेंगी याद करके हिमालय पे जाकर उनकी स्तुति की । तब माँ जगदम्बा देवी पार्वती के शरीर से कौशिकी के रूप में प्रकट होकर शुम्भ और निशुम्भ के साथ युद्ध का आरंभ किया। इस युद्ध मे देवी ने सेनापति धूम्रलोचन का अंत करदिया यह सुन कर शुम्भ और निशुम्भ बहुत ही क्रोधित हुए और चंड और मुंड नामके दैत्यों को आदेश दिया कि , तुम हिमालय में , जहा देवी रहती है जाओ और उसे युद्ध मे परास्त करके , पकड़ के ले आवो शुम्भ और निशुम्भ का आदेश पाकर चंड और मुंड देवी के साथ युद्ध करने के लिए गये । वहां नर मुंडो की माला हाथ में फरसाऔर शरीर पर चीते के चर्म का वस्त्र धारण किए हुई देवी का रूप देखकर असुरों की सेना भी भयभीत हो गई । जबदेवी ने असुरों की सेना को नष्ट कर दिया। तब वह चामुंडा देवी के नाम से विख्यात हुई। इस दौरान कृृपाशंकर व्यास, कुंज बिहारी उपाध्याय, प्रेस क्लब उपाध्यक्ष विजय जैन उर्फ कल्लू, अनूप मोदी, राजेश यादव, संदीप तिवारी, पत्रकार राहुल शुक्ला, लखन यादव, अश्वनी गोलू पुरोहित, दिनेश पाठक, संतोष साहू लक्ष्मी नारायण साहू ,डा0 विकास चौबे, बाबा हीरानंद गिरी सहित सैकड़ो की संख्या में धर्म प्रेमी बंधु उपस्थित रहे।









