धूमधाम से संपन्न हुआ श्रीराम-जानकी विवाह, विदाई के मार्मिक दृश्यों ने नम कीं आंखें

लक्ष्मण-परशुराम संवाद ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध, वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच चारों राजकुमारों का विवाह संपन्न

 

महरौनी (ललितपुर)।

श्री रामयश कीर्तन मंडली महरौनी के तत्वावधान में आयोजित 89वें श्रीरामलीला महोत्सव के छठवें दिवस लक्ष्मण-परशुराम संवाद, श्रीराम-जानकी विवाह तथा चारों राजकुमारों के विवाह की मनोहारी लीलाओं का मंचन किया गया। भव्य श्रीराम बारात, पारंपरिक विवाह गीतों और राजकुमारियों की भावुक विदाई के दृश्यों ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. बाबूलाल सोनी के परिवार के बच्चों एवं रविप्रकाश तिवारी (लोको पायलट) द्वारा आरती के साथ हुआ। मध्यक्रम की आरती ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सिंगेपुर सत्येन्द्र प्रताप सिंह परमार, सेवानिवृत्त सैनिक हरवेन्द्र सिंह चौहान तथा भाजपा नेता यशवंत लोधी ने उतारी।

लीला के प्रथम दृश्य में शिवधनुष टूटने पर मुनि परशुराम का क्रोध और लक्ष्मण के साथ तीखा संवाद दर्शकों को खूब भाया। श्रीराम ने अपने विनम्र स्वभाव से परशुराम का क्रोध शांत किया। भगवान श्रीराम को विष्णु का अवतार जानकर परशुराम ने अपना धनुष उन्हें सौंप दिया।

इसके बाद जनकपुर से अयोध्या पहुंचे दूतों के माध्यम से राजा दशरथ को स्वयंवर का समाचार मिला। गाजे-बाजे के साथ भव्य बारात जनकपुर पहुंची, जहां राजा जनक ने चारों राजकुमारों का विधिवत टीका किया। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच श्रीराम-जानकी का विवाह संपन्न हुआ। साथ ही मांडवी, उर्मिला और श्रुतकीर्ति का विवाह क्रमशः भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न के साथ हुआ। पांव पखराई की परंपरा में सर्वप्रथम भगवान के चरण पखारने का सौभाग्य चांदनी किन्नर को प्राप्त हुआ।

विवाह के बाद राजा दशरथ, राजा जनक से अनुमति लेकर अयोध्या के लिए रवाना हुए। चारों राजकुमारियों की विदाई के समय उपस्थित जनसमूह की आंखें नम हो गईं। व्यास पं. मुकेश नायक के मार्मिक विदाई गीतों ने वातावरण को भावुक बना दिया। अयोध्या पहुंचने पर तीनों रानियों ने अपने पुत्रों और पुत्रवधुओं की आरती उतारकर गृहप्रवेश कराया। इसके साथ छठवें दिवस की लीला का समापन हुआ। अंत में आनंद त्रिपाठी के परिवार की ओर से विवाह का बुलौआ प्रसाद वितरित किया गया।

लीला मंचन में प्रखर मिश्रा, आदर्श उदैनिया, रुद्रांश भौंडेले, उदय बिरथरे, अमित नायक, भगवत भोंडेले, सूर्यकान्त त्रिपाठी, रजनीश रिछारिया, नितिन्जय सिंह सिसौदिया, प्रमोद नायक, अखिलेश सोनी, देवांश तिवारी, रोहित रिछारिया, सूर्या नायक, विनोद कुशवाहा, हर्ष तिवारी, बलराम परिहार, महिपाल सिंह, सौरभ राजा, ओमकार सिंह और रोहित तिवारी ने सराहनीय अभिनय किया।

महोत्सव को सफल बनाने में कृष्णस्वरूप पटैरिया, रामेश्वर सोनी, महेन्द्र सिंह, आशाराम तिवारी, संजय पांडेय, कुलदीप खरे एडवोकेट, जानकी पेंटर, विजय दुबे, सूर्यकान्त त्रिपाठी, शैलेन्द्र नायक, मुकेश नायक, हृदयेश गोस्वामी, नितिन जैन, सुरेन्द्र तिवारी, राजू सेन, राजू पेंटर, सतेन्द्र, सुरेश श्रीवास्तव, दिनेश राय, विक्रम परिहार, दीपक तिवारी, जितेन्द्र पालीवाल और विवेक तिवारी सहित अन्य लोग सक्रिय सहयोग दे रहे हैं।

आज होगी श्रीराम-केवट संवाद और दशरथ मरण की लीला

श्रीरामलीला महोत्सव के अंतर्गत आज मंगलवार को श्रीराम-केवट संवाद एवं दशरथ मरण की लीला का मंचन किया जाएगा।

trfgcvkj.blkjhgfd
Picture of रामजी तिवारी मड़ावरा

रामजी तिवारी मड़ावरा

चीफ एडिटर – स्वराज भास्कर

रामजी तिवारी मड़ावरा एक अनुभवी और निष्पक्ष पत्रकार हैं, जो उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश की जमीनी खबरों को सटीकता और विश्वसनीयता के साथ प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्षों के अनुभव के साथ, उनका उद्देश्य समाज तक सच्ची, निष्पक्ष और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है।

सबसे ज्यादा पढ़ी गई

Horoscope

Weather

और पढ़ें

राज्य