श्रद्धालुओं ने बड़े ही भक्ति भाव से की भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना।

मोहल्ला नेहरू नगर में सरला बिहार कालौनी के पास स्थित जय बाबा श्री अमरनाथ मन्दिर पर सावन के आखिरी सोमवार के इस पावन त्यौहार की बेला पर सुबह से ही शिवालयों में हर हर महादेव व बम बम भोले के जयकारे गूंजते रहे पूरे शिव मन्दिर परिसर में हर हर महादेव व बम बम भोले के जयघोष सुनाई दे रहे थे महिलाओं, बच्चों व श्रद्धालुओं का सुबह से ही मन्दिर पर पूजा अर्चना करने के लिये आना शुरू हो गया था महिलाओं , बच्चों व श्रद्धालुओं ने मन्दिर पर पहुंचकर बड़े ही भक्ति भाव से भगवान भोलेनाथ के समक्ष माथा टेका और भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया फिर जय बाबा अमरनाथ मन्दिर पर अजय सोनी,अनुराधा सोनी जी ने बड़े ही गाजे बाजे के साथ भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया भगवान भोलेनाथ को जल,दूध, दही, शहद, शक्कर, घी,भाग,बेलपत्री, अबीर, गुलाल, चावल, मिष्ठान,फल, फूलमालायें, वस्त्र, सौभाग्य, श्रृंगार आदि समर्पित किये श्रद्धालुओं ने शिव की भक्ति में लीन होकर भगवान भोलेनाथ की बड़े ही भक्ति भाव से पूजा अर्चना की फिर गाजे बाजे के साथ सभी महिलाओं, बच्चों व श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ की आरती की सावन के महीने में शिव भक्त भगवान भोलेनाथ की भक्ति में सरोबार नजर आ रहे थे जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ था दिन भर मन्दिर पर धार्मिक कार्यक्रमों की धूम मची रही भक्ति भाव में डूबे श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के चारों तरफ ऊं नमः शिवाय,बम बम भोले,हर हर महादेव के जयकारे लगा रहे थे मन्दिर में महिलाओं ने धार्मिक भजन कीर्तन भी किये धार्मिक भजन कीर्तन का कार्यक्रम मन्दिर पर काफी देर तक चलता रहा नेहरू नगर के शिवालयों में जय बाबा अमरनाथ मन्दिर में,मां कात्यायनी माता मन्दिर के भोलेनाथ मन्दिर में,नई पानी की टंकी के पास स्थित भोलेशंकर के मन्दिर में,झिब्बू की दुकान के पास स्थित शिव मन्दिर में,श्री सिंह वाहिनी माता मन्दिर पतरुआ धाम के शिव मन्दिर में श्रद्धालुओं ने बड़े ही भक्ति भाव से पूजा अर्चना की और शिशुपाल सिंह ने भी बड़े ही भक्ति भाव से भगवान शंकरजी बनबाये जिसमें अधिक से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान शंकर जी बनाये फिर बड़े ही विधी विधान व मंत्रोच्चार के बीच हवन पूजन सम्पन्न हुआ इस धार्मिक कार्यक्रम में महिलाओं ने, बच्चों ने व श्रद्धालुओं ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया सावन के आखिरी सोमवार के इस धार्मिक कार्यक्रम से पूरा मोहल्ला भक्तिमय बना हुआ था।








