छत्रपति संभाजीनगर। श्री भक्तामर महामंडल विधान एवं पूजन महोत्सव के छठे दिन परम पूज्य उच्चारणाचार्य आचार्य भगवंत श्री विनम्रसागरजी महाराज के पावन सान्निध्य में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुए। इस अवसर पर देशमुखनगर में चातुर्मास कर रहीं पूज्य आर्यिकारत्न विनयश्री माताजी ससंघ का विधान स्थल पर मंगल पदार्पण हुआ। उनके आगमन से उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं में उत्साह और भक्ति का वातावरण निर्मित हुआ।

इस पावन आयोजन में भक्तामर महामंडल विधान, संगीतमय पूजन एवं विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से जिनेंद्र भगवान की आराधना की गई। आचार्य श्री विनम्रसागरजी महाराज के सान्निध्य में धर्माराधना का लाभ लेने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
पादप्रक्षालन एवं आरती का सौभाग्य
महोत्सव के छठे दिन आचार्य श्री विनम्रसागरजी महाराज के पादप्रक्षालन का सौभाग्य संजय पहाड़े, सौ. अनिता पहाड़े, सौ. रक्षा पहाड़े एवं सौरभ पहाड़े परिवार को प्राप्त हुआ। वहीं, मंगल आरती करने का सौभाग्य मंदाबाई शामलाल पहाड़े परिवार को मिला।
कार्यक्रम की प्रस्तावना पंचायत अध्यक्ष महावीर पाटनी ने प्रस्तुत की। दीप प्रज्वलन चंद्रसागर धर्मशाला एवं वेरूळ क्षेत्र के पदाधिकारियों द्वारा किया गया। पूज्य आर्यिकारत्न विनयश्री माताजी के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।
प्रवचन में धर्माचरण का संदेश
इस अवसर पर आचार्य श्री विनम्रसागरजी महाराज ने अपने मंगल प्रवचन में धर्म, भक्ति, आत्मशुद्धि एवं सदाचरण के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने संदेश दिया कि धार्मिक विधि-विधानों के साथ जीवन में संयम, विनय, करुणा और आत्मचिंतन को भी महत्व देना आवश्यक है। जिनेंद्र भगवान की भक्ति केवल कर्मकांड तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि वह व्यक्ति के आचरण और व्यवहार में भी दिखाई देनी चाहिए।
भक्तामर स्तोत्र का श्रद्धापूर्वक पाठ, विधान में अर्घ्य समर्पण एवं पूजन के माध्यम से श्रद्धालुओं ने अपनी भक्ति भावना व्यक्त की। गुरुजनों का सान्निध्य, साधु-संतों के दर्शन और धर्मविचारों का श्रवण आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है। इस धार्मिक आयोजन से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक प्रेरणा एवं धर्मलाभ प्राप्त हुआ।
आयोजकों ने श्रद्धालुओं से महोत्सव के आगामी धार्मिक कार्यक्रमों में भी अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने का आह्वान किया।
उक्त जानकारी प्रचार-प्रसार संयोजक नरेंद्र अजमेरा एवं पियूष कासलीवाल, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) ने दी।







