बार – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ खण्ड बार के प्रारंभिक वर्ग के शिक्षार्थियों को सम्बोधित करते हुए विभाग प्रचार प्रमुख झांसी विभाग श्री मनोज टाटा ने कहा कि भाषा अलग, वेश अलग, भोजन अलग – पर त्योहार सब मनाते हैं। कश्मीर से कन्याकुमारी तक “नमस्ते” एक है। 1600+ बोलियां, पर दिल एक।दुनिया को परिवार मानने वाली सोच। यहां सब धर्मों को जगह मिली। “अनेकता में एकता” हमारा नारा है, सिर्फ पोस्टर नहीं।
जीवन का लक्ष्य सिर्फ पैसा नहीं, “धर्म-अर्थ-काम-मोक्ष” है। पूजा, योग, ध्यान रोज की जिंदगी का हिस्सा। मंदिर से लेकर घर तक आध्यात्म।
“मातृ देवो भव, पितृ देवो भव, आचार्य देवो भव”। संयुक्त परिवार, बुजुर्गों की इज्जत, गुरु को भगवान से ऊपर मानना – ये हमारी रीढ़ है।
नदियों को मां कहते हैं – गंगा मैया। पेड़-पौधे, गाय, सूरज सबकी पूजा। पर्यावरण बचाना हमारे संस्कार में है। दीवाली पर पेड़ लगाना भी इसी का हिस्सा।भरतनाट्यम से भांगड़ा, ताजमहल से अजंता-एलोरा, बनारसी साड़ी से मधुबनी पेंटिंग। हर राज्य की कला अलग, पर क्राफ्ट सब में है।12 महीने 13 त्योहार। होली पर सब एक रंग, दीवाली पर सब एक रोशनी। त्योहार सिर्फ पूजा नहीं, लोगों को जोड़ने का तरीका है।
शारीरिक व बौद्धिक क्षमता ऐसे वर्गों में जाने से प्राप्त होता है हमें इस वर्ग से वापस जाकर संघ की शाखाओं के माध्यम से लोगों को जोड़ने का काम करना है।
इस वर्ग में वर्गव्यवस्था प्रमुख आकाश चतुर्वेदी ,खण्ड संघचालक अवधेश गोस्वामी, जगदीश ,अभिनव, नीलेश,विजय, आदेश, पुरुषोत्तम,गिरवल,नमन,रवि डा आदिल दुबे, के सफल व्यवस्था में वर्ग चला।वर्ग में 31 शिक्षार्थियों की सहभागिता रही।








