महरौनी (ललितपुर)।
महरौनी मंडी स्थित भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) गेहूं क्रय केंद्र एक बार फिर विवादों में आ गया है। केंद्र से सैकड़ों कुंतल गेहूं गायब होने के आरोपों के बाद किसानों और व्यापारियों ने केंद्र पर जमकर हंगामा किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम रजनीश बाजपेयी मौके पर पहुंचे और केंद्र प्रभारी को 24 घंटे के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

*केंद्र प्रभारी और ठेकेदार पर गंभीर आरोप*
केंद्र प्रभारी हरचरण ने आरोप लगाया कि उनकी अनुपस्थिति में तुलाई कार्य देख रहे ठेकेदार प्रशांत खटीक ने केंद्र से कई ट्रक गेहूं गायब कर दिया। जब उन्होंने संबंधित दस्तावेज और हिसाब-किताब मांगा तो उनके साथ अभद्रता की गई। इस आरोप के बाद केंद्र पर विवाद और गहरा गया। वहीं प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि उन्होंने अपना गेहूं केंद्र पर तौलवा दिया था, लेकिन उस समय अंगूठा सत्यापन नहीं कराया गया। अब जब वे अंगूठा लगाने पहुंचे तो उन्हें यह कहकर लौटा दिया जा रहा है कि स्टॉक कम है।
किसान पवन ने बताया कि उनके परिवार का लगभग 600 कुंतल गेहूं केंद्र पर खरीदा गया था, लेकिन अब प्रक्रिया पूरी नहीं की जा रही है। वहीं व्यापारी पारस जैन ने आरोप लगाया कि उनका 300 कुंतल गेहूं केंद्र पर भेजा गया था, परंतु अब उन्हें भी टरकाया जा रहा है। स्थानीय निवासी तेजपाल सिंह के अनुसार उन्होंने 4 जून को गेहूं की तुलाई कराई थी और उन्हें चार दिन बाद अंगूठा लगाने के लिए बुलाया गया था, लेकिन अब केंद्र प्रभारी स्टॉक सत्यापन का हवाला देकर कार्रवाई टाल रहे हैं।
एसडीएम ने दिए जांच के आदेश
*मौके पर पहुंचे एसडीएम*
महरौनी उपजिलाधिकारी रजनीश बाजपेयी ने किसानों और व्यापारियों की शिकायतें सुनीं। उन्होंने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है तथा केंद्र प्रभारी से 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। खरीद प्रक्रिया से जुड़े सभी अभिलेखों की जांच की जाएगी। एसडीएम ने कहा कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
*किसानों में रोष, जांच रिपोर्ट का इंतजार*
घटना के बाद क्षेत्र के किसानों और व्यापारियों में भारी आक्रोश है। सभी की निगाहें अब प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला केंद्र की खरीद व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।







