जनगणना विकास योजनाओं की आधारशिला, भीषण गर्मी में भी जिम्मेदारी निभा रहे जनगणना कार्मिक
ललितपुर। देश के समग्र विकास की योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने के लिए सटीक आंकड़े अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इसी उद्देश्य को लेकर उत्तर प्रदेश में 22 मई से 20 जून तक प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर मकान गणना का कार्य किया जा रहा है। इस बार की जनगणना डिजिटल माध्यम से संचालित की जा रही है, जो डिजिटल भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी पहल है।
“जनगणना से जनकल्याण” इस अभियान का मूल संदेश है, जो यह स्पष्ट करता है कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की जनहितकारी नीतियों और योजनाओं का आधार है।
मकान गणना के प्रथम चरण में प्रत्येक परिवार से आवासीय स्थिति, मूलभूत सुविधाओं, परिवार संरचना एवं सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों से जुड़े लगभग 34 महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे जा रहे हैं। इन सूचनाओं के आधार पर सरकार को समाज की वास्तविक स्थिति का व्यापक चित्र प्राप्त होगा, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
इसी संदर्भ में आयोजित परिचर्चा में जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने आमजन से सहयोग एवं जागरूकता की अपील की।
जनगणना राष्ट्र की विकास यात्रा का आधार : पीयूष भार्गव

तालबेहट ब्लॉक के चार्ज अधिकारी एवं तहसीलदार पीयूष भार्गव ने कहा कि जनगणना किसी भी राष्ट्र की विकास योजनाओं की आधारशिला होती है। सरकार द्वारा बनाई जाने वाली अनेक कल्याणकारी योजनाएं जनगणना से प्राप्त आंकड़ों पर आधारित होती हैं।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन प्रणाली अपनाए जाने से जनगणना कार्य में पारदर्शिता, गति और शुद्धता बढ़ेगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे प्रगणकों को सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराकर इस राष्ट्रीय अभियान में सहभागी बनें।
उन्होंने कहा कि जनगणना केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से सफल होने वाला राष्ट्र निर्माण का अभियान है। उन्होंने भीषण गर्मी में कार्य कर रहे अधिकारियों, कर्मचारियों और सुपरवाइजर, प्रगणकों के प्रयासों की सराहना करते हुए समाज से सहयोग की अपेक्षा की।
प्रशिक्षित पर्यवेक्षक, प्रगणक निभा रहे महत्वपूर्ण भूमिका : प्रदीप सोनी

जिला क्षेत्र प्रशिक्षक एवं पर्यवेक्षक प्रदीप सोनी ने बताया कि जनगणना कार्य में प्रगणकों और सुपरवाइजरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऑनलाइन प्रणाली के सफल संचालन के लिए सभी कार्मिकों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जिससे आंकड़ों का संकलन सही और त्रुटिरहित तरीके से किया जा सके।
उन्होंने कहा कि मकान गणना में पूछे जा रहे प्रश्न केवल औपचारिक जानकारी नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से देश के सामाजिक और आर्थिक विकास की वास्तविक तस्वीर सामने आती है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी भ्रम से दूर रहें और जनगणना दल को सहयोग प्रदान करें।
सही आंकड़े ही बनाते हैं सही योजनाएं : डॉ. सुनील जैन संचय

सर्किल एरिया 084 गदयाना के सुपरवाइजर डॉ. सुनील जैन संचय ने कहा कि “जनगणना से जनकल्याण” केवल एक नारा नहीं, बल्कि देश के समग्र विकास का मूल मंत्र है। जनगणना से प्राप्त सूचनाएं आने वाले समय की नीतियों और योजनाओं की दिशा निर्धारित करती हैं।
उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में ऑनलाइन जनगणना एक आधुनिक और प्रभावी पहल है। इससे समय की बचत के साथ-साथ आंकड़ों की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।
उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे प्रगणकों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर पूरी गंभीरता और सत्यता के साथ दें, क्योंकि प्रत्येक जानकारी भविष्य की विकास योजनाओं की नींव बन सकती है।
जनगणना देश के विकास का दर्पण : दीपक जैन

प्रगणक दीपक जैन, हीरापुर ने कहा कि जनगणना देश के विकास का दर्पण है। सही आंकड़ों के आधार पर ही सही योजनाओं का निर्माण संभव है। प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह जनगणना कार्य में सहयोग देकर राष्ट्र निर्माण की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में सहभागी बने।
भीषण गर्मी के बावजूद जनगणना कार्य में जुटे कार्मिकों का समर्पण और जनसहयोग इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।








