ललितपुर। गुरू को आदर्श मानो गुरू का उपकार कभी भुलाया नहीं जा सकता। गुरू की महिमा बताते हुए आचार्य उदार सागर महाराज ने कहा गुरु के माध्यम से ही जीवन का उत्थान होता है। आचार्य श्री विद्यासागर महाराज द्वारा जीवन में मिले संस्कारों को अतुलनीय बताते हुए उन्होने कहा आज जो कुछ भी मैं हूँ वह उन्हीं के आर्शीवाद का फल हे।

नगर के पार्श्वनाथ जैन अटामंदिर में धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए आचार्य उदार सागर महाराज ने आचार्यश्री के सानिध्य में हुई वाचना के संस्मरण सुनाए और कहा ललितपुर के श्रावक धर्म के मार्ग में सदैव आगे रहे हैं उन्होने श्रावकों से जीवन में व्रत नियमों का अच्छे से पालन करने के लिए प्रेरित किया। इसके पूर्व धर्मसभा को संघस्थ मुनि उपशान्त सागर महाराज ने सम्बोधित करते हुए गुरु की महिमा बताई और कहा जिसके जीवन में गुरु नहीं उसका जीवन शुरू नहीं। धर्मसभा का शुभारम्भ आचार्य श्री के चित्र के सम्मुख श्रेष्ठीजनों ने दीपप्रज्ज्वलित कर किया। जैन पंचायत के पदाधिकारियों ने आचार्य श्री ससंघ चरणों में श्रीफल अर्पित करते हुए आर्शीवाद ग्रहण किया। कार्यक्रम का संचालन महामंत्री आकाश जैन द्वारा किया गया।
आज प्रातःकाल आचार्य श्री उदारसागर महाराज अपने संघस्थ मुनि उपशान्तसागर महाराज, एलक श्री उत्साह सागर महाराज एवं क्षुल्लक महाराज के साथ ससंघ पदविहार करते हुए ललितपुर नगर सीमा पर पहुंचे जहां पंचायत के पदाधिकारियों ने गाजेबाजे के साथ अगुवाई की। नेहरूमहाविद्यालय से मवेशी बाजार होते हुए आचार्य श्री ससंघ की पार्श्वनाथ जैन अटामदिर में आचार्यश्री ससंघ की अगुवाई हुई जहां जैन पंचायत के अध्यक्ष डा० अक्षय टडैया, श्रेष्ठी शीलचंद अनौरा, महामंत्री आकाश जैन, संयोजक सनत जैन खजुरिया,मदिर प्रबंधक अजय जैन गंगचारी, मनोज जैन बबीना, त्यागीव्रती संयोजक अमित जैन सरार्फ ने पादप्रक्षालन कर अगुवाई की। महिला संगठनों ने अनीता मोदी, उमा सैदपुर, सुमन जैन आदि ने रंगोली सजाकर भक्ति प्रदर्शित की। आचार्य विद्यासागर व्यायामशाला के स्वयंसेवकों ने अध्यक्ष रिंकू पाय की अगुवाई में विहार कराया।
इस मौके पर प्रमुख रूप से जैन पंचायत पूर्व अध्यक्ष अनिल जैन अंचल, ज्ञानचंद इमलिया, कपूरचंद लागौन, महेन्द्र जैन मयूर, अखिलेश जैन गदयाना, जिनेन्द्र जैन डिस्को,मीडिया प्रभारी अक्षय अलया, धन्यकुमार जैन, अनंत सराफ, विमल जैन पीहर साडी, संजीव जैन लकी, महेन्द्र सराफ वैद्य, प्रवीण गुरूवर शशांक जैन एड, आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।








