बड़ागांव धसान – श्री उदार सागर जन कल्याण तीर्थ फल होडी बड़ागांव के तत्वाधान मे आठ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान का आयोजन बड़े ही भक्ति भाव से किया गया। अनुष्ठान के अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ कुंड में आहुतियां डालकर विश्व कल्याण और प्राणिमात्र के सुख की कामना की।मुकेश जैन लार ने बताया कि मुख्य धार्मिक क्रियाएं और विधान के अंतिम दिन जैन समाज के श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ भगवान सिद्ध परमेष्ठी की आराधना करते हुए सामूहिक रूप से 1024 महाअर्घ समर्पित किए।प्रतिदिन नित्य नियम अभिषेक और शांतिधारा मूलनायक भगवान की प्रतिमा का पावन कलशाभिषेक किया गया ।और विश्व में सुख-शांति के लिए विशेष शांतिधारा की गई। समापन के अवसर पर गाजे-बाजे के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालुओं ने जैन ध्वाज लहरा कर सहभागिता की।मंत्रोच्चार के साथ महायज्ञ के प्रतिष्ठाचार्य पं.ऋषभ जैन,पं अजित जैन के कुशल निर्देशन में शुद्ध मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ नायक और इंद्र-इंद्राणियों ने हवन कुंड में आहुतियां प्रदान कीं।पं ऋषभ जैन ने कहा कि:सिद्धचक्र महामंडल विधान आत्मशुद्धि, संयम और आध्यात्मिक उन्नति का सर्वश्रेष्ठ माध्यम है।भगवान सिद्ध की आराधना करने से सांसारिक दुखों और दरिद्रता का नाश होता है।मन, वचन और काय की शुद्धि के साथ किया गया त्याग ही जीवन को सार्थक बनाता है।समाज की सहभागिता कार्यक्रम में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने इंद्र-इंद्राणी बनकर भक्ति नृत्य किया। पूरा पंडाल और मंदिर परिसर प्रभु के जयकारों से गुंजायमान रहा। महायज्ञ की पूर्णाहुति के बाद सभी श्रद्धालुओं के लिए वात्सल्य भोज (सात्विक महाप्रसाद) का भी विशेष आयोजन किया। इस अवसर पर डॉ.कैलाश नुना,मुन्ना शाह महामंत्री,विजय जैन कुसमाड वाले जयपुर,हुकुमचंद हटैया,प्रकश सिंघई,सुखानंद सेठ,राकेश हटैया,प्रसन्न चौधरी मौजूद रहे।










