मुनि श्री नीरज सागर,मुनि निर्मद सागर जी का मिल रहा है मंगल सानिध्य
मड़ावरा(ललितपुर)-धर्मनगरी मड़ावरा में अष्टनिका पर्व के पावन उपलक्ष्य में कस्बे के प्रतिष्ठित सिंघई प्रकाश चंद्र,शान्तिकुमार सेठी परिवार के सौजन्य एवं आचार्य भगवन विद्यासागर,समय सागर जी के परम प्रभावक शिष्य मुनि नीरज सागर,मुनि निर्मद सागर के सानिध्य व सकल दिगम्बर जैन समाज मड़ावरा के सहभाग में सिद्ध भगवंतों की आराधना के पर्व सिद्ध चक्र महामण्डल विधान का आयोजन श्री महावीर विद्याविहार के विशाल प्रांगण में हो रहा है जिसमें विद्वान प्रतिष्ठाचार्य के मार्गदर्शन में आयोजक एवं समाज के श्रद्धालुगण प्रतिदिन प्रातःकाल बेला में विधान में पूजा विधान आदि क्रियाएं भक्तिभाव पूर्वक कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि उक्त सिद्ध चक्र विधान के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा प्रतिदिन ही सर्व विश्व की सुख समृद्धि की कामना करते हुए सिद्ध भगवंतों की आराधना की जाती है मंगलवार को आयोजित विधान में इंद्र इंद्राणी बने पात्रों ने भगवान जिनेन्द्र देव की पूजा अर्चना कर सिद्ध भगवंतों को 1008 आहुतियां समर्पित की गयी इस दौरान सभागार में विराजमान मुनिसंघ द्वारा प्रवचन सभा को संबोधित करते हुए सिद्ध चक्र विधान के महात्म्य को समझाते हुए इसके भक्तिभाव पूर्वक करने से प्राप्त होने वाले परिणाम के विषय में बताया इसके पूर्व सायंकालीन कार्यक्रमों की श्रखंला में महाआरती करने का सौभाग्य डॉ राकेश कुमार,सुधीर कुमार सिंघई परिवार को प्राप्त हुआ तत्पश्चात सभी उपस्तिथ श्रद्धालुओं ने संगीतकार की धार्मिक स्वर लहरियों के साथ तीर्थंकर प्रभु की आरती भक्ति नृत्य आदि किये गए विधान आयोजन के दौरान आयोजक परिवार के राजू सेठी,दीपक सेठी, हर्षबर्धन सेठी,राहुल सेठी एवं चातुर्मास आयोजन समिति,सकल दिगम्बर जैन समाज का सहयोग मिल रहा है।









