गंगासागर। श्री भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थ संरक्षिणी महासभा पश्चिम बंगाल एवं दिगम्बर जैन गंगासागर पार्श्वनाथ तीर्थ विकास समिति के संयुक्त तत्वावधान में गंगासागर की पवित्र धरा पर एक अलौकिक एवं ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। परम पूज्य आचार्य श्री 108 वसुनन्दी जी महाराज के ससंघ आशीर्वाद से मात्र सात दिनों के अल्प समय में चैत्यालय की स्थापना, वेदी प्रतिष्ठा एवं भगवान की प्रतिमाओं के विराजमान होने का शुभ कार्य निर्विघ्न संपन्न हुआ।

19 जुलाई 2026 को आयोजित इस भव्य समारोह में अभिषेक, शान्तिधारा और यागमण्डल विधान के पश्चात प. आलोक कुमार जैन शास्त्री (बड़ामलहरा) द्वारा वेदी में मूलनायक भगवान मल्लिनाथ, भगवान आदिनाथ एवं भगवान पदमप्रभु की पावन प्रतिमाओं की प्रतिष्ठा कराई गई।
प्रमुख सहयोगी एवं पात्रगण:
ध्वजारोहण कर्ता: श्री नरेन्द्र कुमार राजकुमारी पाण्ड्या (सुजानगढ़ / कोलकाता)
वेदी प्रदानकर्ता: श्री फूलचंद विनोद कुमार, दिवस, आनन्द सेठी (डीमापुर / कोलकाता)
वेदी स्थापनाकर्ता: श्री अशोक सुमन चूड़ीवाल (बरपेटा रोड, असम)
सौधर्म इन्द्र: श्री अमित–विनीता सेठी (कोलकाता)
यज्ञनायक: श्री कमल ललिता पाटनी (वर्धमान)
प्रतिमा विराजमान सौभाग्य:
श्री अजितकुमार लीलादेवी झांझरी (नलबाड़ी, असम) – भगवान पदमप्रभु
श्री ओमप्रकाश प्रभा सेठी (गुवाहाटी) – मूलनायक भगवान मल्लिनाथ
श्रीमती बेला सुरेश, अरिहंत, साहिल छाबड़ा (गुवाहाटी, असम) – भगवान आदिनाथ
छत्र, भामण्डल एवं सिंहासन दानकर्ता:
श्रीमती इन्द्रा देवी गंगवाल (डीमापुर)
श्रीमती उषा, संतोष, शोभा, स्वाती जैन (पूर्वोत्तर शाखा)
श्रीमती कुसुम देवी पाटनी (गुवाहाटी)
श्रद्धा और समर्पण का अद्भुत उदाहरण
श्रद्धालुओं का मानना है कि पूज्य श्री 108 वसुनंदी जी महाराज के मुखारविंद से निकली वाणी अक्षरशः सिद्ध हुई। इतने कम समय में भव्य चैत्यालय का निर्माण, प्रतिमाओं की प्राप्ति एवं सभी अनुकूल संयोगों का बनना किसी चमत्कार से कम नहीं है।
यह संपूर्ण आयोजन तीर्थ संरक्षिणी महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री श्री राजकुमार जैन सेठी के कुशल निर्देशन, सूझबूझ और भक्ति भाव के साथ श्री विनीत पाटनी (महामंत्री आसनसोल), श्री विजय सरावगी (प्रचारमंत्री तीर्थ संरक्षिणी महासभा पश्चिम बंगाल), महासभा के समस्त पदाधिकारियों एवं समाज के विशेष सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस ऐतिहासिक अवसर पर तीर्थ संरक्षिणी महासभा परिवार द्वारा समस्त पुण्यार्जक परिवारों को बहुत-बहुत बधाई एवं अनुमोदना प्रेषित की गई है।
निवेदक:
दिगम्बर जैन गंगासागर पार्श्वनाथ तीर्थ विकास समिति, कोलकाता / गंगासागर
आयोजक:
श्री भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थ संरक्षिणी महासभा पश्चिम बंगाल








