संस्कार, संयम और सेवा को बताया सच्चे धर्म की पहचान, नशामुक्त जीवन का दिया संदेश
प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ जी में मुनि श्री की हुई भव्य अगवानी

ललितपुर। प्रागैतिहासिक अतिशय क्षेत्र नवागढ़ जी स्थित भगवान श्री अरनाथ स्वामी के अतिशय सम्पन्न एवं विश्व के एकमात्र दिव्य दरबार में परम पूज्य संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य मुनि श्री सरल सागर जी महाराज के सुयोग्य शिष्य पूज्य मुनि श्री मंगलानंदसागर जी महाराज एवं मुनि श्री मंगलसागर जी महाराज का चातुर्मास हेतु अत्यंत भव्य एवं मंगलमय प्रवेश श्रद्धा, भक्ति और उल्लासपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ।
मुनि संघ के मंगल प्रवेश का आयोजन बाल ब्रह्मचारी प्रतिष्ठाचार्य जय कुमार ‘निशांत’ के निर्देशन, श्री नवागढ़ अतिशय क्षेत्र समिति तथा श्री नवागढ़ गुरुकुलम् ट्रस्ट के तत्त्वावधान में सम्पन्न हुआ। पूज्य मुनि संघ की अगवानी में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
मंगल प्रवेश के अवसर पर समस्त ग्रामवासी, क्षेत्रवासी एवं दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं की विशाल उपस्थिति रही। पूरे नवागढ़ में उत्सव जैसा वातावरण दिखाई दिया। घर-घर आकर्षक रंगोलियाँ सजाई गईं तथा महिलाओं ने मंगल कलश लेकर पूज्य मुनि संघ का पारंपरिक स्वागत किया।
प्रचारमंत्री डॉ. सुनील ‘संचय’ ने बताया कि नवागढ़ गुरुकुलम् के विद्यार्थियों ने दिव्य घोष, मंगलगान एवं जयघोष के साथ पूज्य मुनि संघ का स्वागत किया, जिससे सम्पूर्ण वातावरण धर्म, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा। ढोल-नगाड़ों की गूंज, मंगल गीतों और जयघोष से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा।
इस अवसर पर बुंदेलखंड की समृद्ध लोक संस्कृति भी आकर्षण का केंद्र रही। मोनिया पार्टी, दलदल घोड़ी, भजन मंडली, ढपला पार्टी तथा ढिमराया सारंगी पार्टी ने अपनी मनोहारी प्रस्तुतियों से समारोह को ऐतिहासिक और अविस्मरणीय बना दिया।
कार्यक्रम में ब्रह्मचारी जय निशांत भैया जी ने नवागढ़ क्षेत्र का परिचय कराया, जबकि सुनील वेद ने पूज्य गुरुदेव के श्रीचरणों में भावपूर्ण वाणी-अंजलि समर्पित कर गुरुभक्ति व्यक्त की। मुनिश्री के उद्बोधन से पूर्व नवागढ़ गुरुकुलम् के विद्यार्थियों ने मधुर एवं भावपूर्ण मंगलाचरण प्रस्तुत किया।
अपने मंगल प्रवचन में पूज्य मुनि श्री मंगलानंद सागर जी महाराज ने कहा कि यदि हमें भगवान श्रीराम जैसा आदर्श जीवन जीना है तो उनके समान आदर्श कर्म भी करने होंगे। उन्होंने समाज से गुटखा, तंबाकू, शराब एवं सभी प्रकार के नशों का त्याग करने का आह्वान करते हुए मानवता, करुणा, सदाचार और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।
मुनि श्री मंगल सागर जी महाराज ने कहा कि सच्चा धर्म वही है जो व्यक्ति के जीवन में संस्कार, संयम और सेवा की भावना जागृत करे। उनके प्रेरक उद्बोधन से श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
समारोह में थानाध्यक्ष सोजना सुधाकर पांडे, ग्राम प्रधान रामनारायण यादव, ब्लॉक अध्यक्ष संतोष यादव, श्रेष्ठी निर्मल घुवारा, श्री नवागढ़ अतिशय क्षेत्र समिति एवं नवागढ़ गुरुकुलम् ट्रस्ट के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूज्य मुनि संघ के दर्शन, वंदना एवं प्रवचन का लाभ प्राप्त किया।
मंगल प्रवेश के उपरांत समस्त ग्रामवासियों एवं क्षेत्रवासियों ने पूज्य मुनि श्री मंगलानंद सागर जी महाराज एवं मुनि श्री मंगल सागर जी महाराज के श्रीचरणों में श्रीफल अर्पित कर नवागढ़ में ही चातुर्मास सम्पन्न करने का भावपूर्ण निवेदन किया, ताकि सभी श्रद्धालुओं को चार माह तक उनके सान्निध्य एवं अमृतमय प्रवचनों का लाभ प्राप्त हो सके।
कार्यक्रम का संचालन श्री नवागढ़ अतिशय क्षेत्र समिति के महामंत्री वीरचंद्र जैन (पूर्व प्रधान) ने किया।
इस अवसर पर ब्रह्मचारी जय निशांत भैया जी ने जानकारी दी कि चातुर्मास के दौरान प्रत्येक रविवार प्रातः 9:00 बजे एवं अपराह्न 3:00 बजे पूज्य मुनिश्री के विशेष मंगल प्रवचन एवं आशीर्वचन आयोजित होंगे।








