*ललितपुर,
अनुरस रेस्टोरेंट एंड कैफे में रविवार को “स्वदेशी स्वावलंबी अभियान” के अंतर्गत एक दिवसीय विचार वर्ग का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देना और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना रहा। एवं 1 अगस्त से 20 अगस्त तक मैं भी स्वदेशी-संकल्प के अभियान का आयोजन किया जाएगा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में व्यापार मंडल ललितपुर के अध्यक्ष सुरेश बडेरा उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में प्रांतीय संयोजक सुदीप खरे, प्रांतीय समन्वयक डॉ. प्रवीण कुमार अग्निहोत्री, प्रांतीय सह विचार प्रमुख डॉ. जगवीर सिंह शामिल रहे।
प्रांतीय संयोजक सुदीप खरे ने अपने विचार रखते हुए कहा कि “स्वदेशी केवल नारा नहीं, बल्कि जीवनशैली है। आज जरूरत है कि हम अपने दैनिक उपयोग की हर छोटी-बड़ी वस्तु में स्वदेशी को प्राथमिकता दें। विदेशी कंपनियों पर निर्भरता कम करके ही हम अपने कारीगरों, किसानों और छोटे व्यापारियों को बचा सकते हैं। हर खरीदारी के समय ये जरूर सोचें कि ये सामान अपने देश के किस कारीगर के घर का चूल्हा जलाएगा।”
प्रांतीय समन्वयक डॉ. प्रवीण कुमार अग्निहोत्री ने स्वावलंबन पर बोलते हुए कहा कि “स्वावलंबन का अर्थ सिर्फ सरकार पर निर्भर न रहना है। हमें अपने हुनर, अपनी मिट्टी और अपने संसाधनों पर भरोसा करना होगा। ललितपुर में पत्थर, कृषि और हस्तशिल्प की अपार संभावनाएं हैं। अगर युवा स्वरोजगार की ओर बढ़ें और स्थानीय उत्पादों का ब्रांड बनाएं तो ललितपुर भी एक मॉडल जिला बन सकता है। स्वावलंबी व्यक्ति ही स्वावलंबी राष्ट्र बनाता है।”
विचार वर्ग में विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। डॉ. जगवीर सिंह ने “बाबू गेनू जी” के जीवन और बलिदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वदेशी अपनाना ही सच्ची देशभक्ति है। जिला समन्वयक हाकिम जी ने “दत्तोपंत ठेंगडी जी” के विचारों को साझा करते हुए स्वावलंबन के महत्व को समझाया। जिला संयोजक एड.डी.एस. विवेक और विनोद शर्मा ने क्रमशः “स्वदेशी एवं स्वावलंबन केंद्र” की भूमिका और स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
जिला युवा प्रमुख स्वावलंबन अभियान गुलशन कुमार गुप्ता ने युवाओं से अपील की कि वे स्वरोजगार अपनाएं और “वोकल फॉर लोकल” को जीवनशैली बनाएं।
मुख्य अतिथि सुरेश बडेरा ने कहा कि ललितपुर के व्यापारियों को चीनी उत्पादों का बहिष्कार कर स्वदेशी सामान को प्राथमिकता देनी चाहिए। इससे न केवल स्थानीय रोजगार बढ़ेगा बल्कि जिले की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
नरेंद्र सिंह चौहान प्रचारक कानपुर ने रोजमर्रा के जीवन में होने वाले शब्दों जैसे नाश्ते, खाने की जगह जलपान और भोजन जैसे शब्दों का उपयोग करने पर जोर दिया ।
कुलदीप द्विवेदी छात्र प्रमुख स्वावलंबन अभियान ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके जीवन में स्वदेशी और स्वावलंबन के स्थान पर चर्चा की।
स्वावलंबी भारत अभियान के अंतर्गत नए दायित्व धारियों ऋषि तिवारी समन्वयक महरौनी, रवि शंकर सेन सह समन्वयक महरौनी , प्रदीप सोनी समन्वयक मड़ावरा, राहुल सहरिया सह समन्वयक बार के नमो की घोषणा प्रांतीय संयोजक सुदीप खरे द्वारा की गई।
कार्यक्रम के अंत में सभी वक्ताओं ने संकल्प लिया कि घर-घर स्वदेशी और हर हाथ को काम देने के लिए अभियान को गांव-गांव तक ले जाया जाएगा।
कार्यक्रम में रामबाबू राजपूत, रामचरण सहरिया, मदन सहरिया, राहुल कुशवाहा, कुमार शशांक, पी.के. नायक, रोहित तिवारी, ललित किशोर, ग्यासी सहरिया, सुनील कुमार, रविंद्र बुंदेला और बड़ी संख्या में व्यापारी, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।








