महरौनी, ललितपुर।
महरौनी क्षेत्र में प्रसव के बाद एक प्रसूता और उसके नवजात शिशु की मौत का मामला सामने आने से क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। घटना के बाद ससुराल और मायके पक्ष ने अलग-अलग आरोप लगाते हुए पुलिस को प्रार्थना पत्र सौंपे हैं। वहीं पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार ग्राम भड़राऊ निवासी विशाखा तिवारी (पत्नी मुकेश तिवारी) को प्रसव पीड़ा होने पर उपचार के लिए महरौनी में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार प्रसव के बाद नवजात शिशु की तबीयत बिगड़ गई और बाद में उसकी मृत्यु हो गई। वहीं प्रसूता की हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल ललितपुर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी भी मृत्यु हो गई।
मृतका के ससुर कैलाश नारायण तिवारी निवासी लुहरयाना, महरौनी ने कोतवाली में दिए प्रार्थना पत्र में अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि समय पर समुचित उपचार और आवश्यक चिकित्सकीय व्यवस्था उपलब्ध कराई जाती तो प्रसूता और नवजात की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
वहीं मृतका के पिता ओमप्रकाश तिवारी निवासी ग्राम भड़राऊ ने अपनी पुत्री के ससुराल पक्ष पर उत्पीड़न, मारपीट और हत्या का आरोप लगाते हुए पुलिस को अलग प्रार्थना पत्र सौंपा है। उन्होंने मामले की गहन जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।
इधर मामले को लेकर क्षेत्राधिकारी महरौनी रक्षपाल सिंह ने बताया कि 4 जून को थाना महरौनी क्षेत्र के ग्राम भड़राऊ निवासी एक महिला की जिला अस्पताल ललितपुर में उपचार के दौरान मृत्यु होने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की कार्रवाई पूरी कर पोस्टमार्टम के लिए जिला मोर्चरी भेज दिया।
क्षेत्राधिकारी के अनुसार प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मृतका ने लगभग तीन वर्ष पूर्व गांव के ही एक युवक से प्रेम विवाह किया था। वह गर्भवती थी और प्रसव के लिए जीवन ज्योति हॉस्पिटल महरौनी में भर्ती कराई गई थी। प्रसव के बाद नवजात शिशु को चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित कर दिया गया था। इसके बाद महिला की हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल ललितपुर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
उन्होंने बताया कि पति द्वारा मारपीट कर हत्या किए जाने संबंधी आरोप प्रथम दृष्टया जांच में पुष्ट नहीं पाए गए हैं। हालांकि अन्य लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है तथा प्रकरण में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है।
पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय अभिलेखों और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दोनों पक्षों द्वारा लगाए गए आरोपों की सत्यता की जांच की जा रही है।









