महरौनी,ललितपुर।
जैन प्रागैतिहासिक अतिशय तीर्थ नवागढ़ जी में 25 मई से 11 जुलाई तक आयोजित 48 दिवसीय श्री 1008 भगवान अरनाथ महामंडल विधान श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ संपन्न हो रहा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं विधान एवं धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर भगवान अरनाथ की आराधना कर रहे हैं, जिससे पूरा तीर्थ परिसर भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान है।
इस भव्य धार्मिक आयोजन के पुण्यार्जक शिखरचंद मैनवार परिवार हैं, जबकि संपूर्ण विधान विधानाचार्य पं. गगनदीप फणीन्द्र (बड़ागांव) के निर्देशन में शास्त्रोक्त विधि से संपन्न कराया जा रहा है।
प्रवचन के दौरान बाल ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत ने कहा कि शरीर और वस्त्रों की सफाई तो सरल है, किंतु मन की शुद्धि ज्ञान, संयम और आत्मचिंतन से ही संभव है। उन्होंने श्रद्धालुओं को “ज्ञानदीप जलाकर आत्मशुद्धि के मार्ग पर चलने” का संदेश दिया।
आयोजन को जैन समाज के लिए एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक साधना पर्व माना जा रहा है, जो श्रद्धा, संयम और आत्मकल्याण की प्रेरणा दे रहा है। कार्यक्रम के अंत में तीर्थ कमेटी अध्यक्ष सनत सिंघई ने सभी श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।









