झांसी.31 मई 2026.आज सामाजिक समरसता मंच झांसी महानगर के तत्वाधान में जीवनशाह तिराहे पर अहिल्याबाई होल्कर की 301 भी जयंती का आयोजन प्रातः 8:00 बजे किया गया. इस अवसर पर मंच के प्रांतीय संयोजक रविशंकर गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में तथा शिवकुमार भार्गव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे. कार्यक्रम के प्रारंभ में सभी उपस्थित अतिथियों, मंच के पदाधिकारी व अन्य आमंत्रित जनों ने अहिल्याबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. इस अवसर पर प्रांत संयोजक ने अपने संबोधन में कहा कि अहिल्याबाई होल्कर का जीवन भारतीय इतिहास का स्वर्णिम पृष्ठ है. उन्होंने एक साधारण ग्रामीण परिवार में जन्म लेकर अपनी जीवन यात्रा प्रारंभ की और अपने कृतित्व से एक असाधारण शासनकर्ता व कुशल प्रशासक बनी. उनका 30 वर्ष का शासन काल होलकर वंश के इतिहास का उत्कृष्ट काल खंड रहा है. किसी ने भी उनके नीति,नियम व निर्णय पर उंगली नहीं उठाई उनका लोक कल्याणकारी शासन भूमिहीन किसानों, भीलों जैसे जनजातीय समूहों तथा विधवाओं के हितों की रक्षा करने वाला एक आदर्श शासन था. समाज के सभी वर्गों का सम्मान, सुरक्षा व प्रगति के अवसर देने वाली समरसता की दृष्टि उनके प्रशासन का आधार रही. लोकमाता का संपूर्ण जीवन सादगी संपन्न,उज्ज्वल चरित्र,धर्म परायण प्रजावत्सलता का अप्रतिम उदाहरण था. वह थीं तो मालवा राज्य की रानी लेकिन उनकी दृष्टि अखिल भारतीय थी इसलिए उन्होंने अपने व्यक्तिगत कोष से अधिकांश ज्योतिर्लिंगों, तीर्थ स्थलों, नदियों पर घाटों, धर्मशालाओं, अन्न- क्षेत्रों, तालाबों का निर्माण संपूर्ण भारतवर्ष में करवाया था. अहिल्याबाई के इन्हीं जनहितकारी कार्यों के कारण उन्हें पुण्यश्लोका व लोकमाता कहा जाता है. उनके दिखाये,सादगीपूर्ण,चरित्र संपन्न जीवन, आध्यात्मिक आदर्श से हम सभी प्रेरणा ले सकते हैं.
मुख्य अतिथि शिवकुमार भार्गव ने उपस्थित लोगों से अपेक्षा व्यक्त की कि वह लोकमाता के जीवन से प्रेरणा प्राप्त कर वैभव संपन्न राष्ट्र बनाने में अपना योगदान देंगे.
इस अवसर पर सामाजिक समरसता के विभाग संयोजक सीताशरण तिवारी, झांसी ग्रामीण के संयोजक मुन्नालाल विश्वकर्मा, सेवा भारती के प्रांतीय सदस्य मनोज आदि गणमान्य सज्जन उपस्थित थे.कार्यक्रम के अंत में सामाजिक समरसता मंच के महानगर संयोजक विपिन गुप्ता ने सभी का आभार व्यक्त किया.









