बडागाँव धसान टीकमगढ़ – निकटवर्ति श्री दिगंबर जैन समाज लार द्वारा जगतपूज्य श्रमण शिरोमणि निर्यापक मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज की प्रेरणा से दिनांक 25 मई 2026 को सन्त शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की शिष्या आर्यिका श्री श्रुतमती माता जी एवं आर्यिका श्री उपशममति माताजी को जानबूझकर रीवा मे कार से टक्कर मारकर उन्हें असमय समाधि के लिए विवश कर देने के मामले में प्रशासन समुचित कार्यवाही करे और दोषी व्यक्तियों को कठोर दंड दिया जावे। इस हेतु जन आक्रोश रैली निकालकर श्रीमान तहसीलदार के लिए ज्ञापन सौपकर कार चालक के खिलाफ सख्त कठोर कार्यवाही करने की माँग की गई।एडवोकेट प्रभात सेठ मे बताया पूर्व में भी ऐसी कुछ घटनाएं घटित हुई हैं।जिनसे प्रतीत होता है कि जैन साधु साध्वियों के प्रति जानबूझकर ऐसा निदनीय कृत्य किये जा चुके है।यह पूरी तरह से अनुचित है। निर्दोष साधुओं के ऊपर इस प्रकार का अत्याचार निंदनीय है और दंड के योग्य है।जैन समाज ने शासन से मांग की है कि वह जैन साधुओं के निर्वाध विहार में समुचित पुलिस बल की व्यवस्था करे। तथा ऐसे असामाजिक तत्त्वों के खिलाफ दंडात्मक कदम उठाए।ताकि ऐसे अप्रिय कार्यों की पुनरावृत्ति नहीं हो सके। दिनांक 25 मई को में जन आक्रोश रैली में जैन समाज बडागाँव अजनोर. समर्रा लार एवं बुडेरा ने अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई। ज्ञापन देने वालो कैलाश नूना धीरज जैन प्रकाश सिंघई सोनू अजनोर अरविंद जैन बासु राकेश केसरिया गौरब जैन सौरव जैन पंडित सुरेंद्र कुमार जी लालचंद्र जैन तारा त्यागी प्रमुख रहे।

स्वराज भास्कर मीडिया परिवार की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि









