सौ समस्याओं का एक निदान, पृथक बुन्देलखण्ड प्रान्त:- बु. वि. सेना बु. वि. सेना ने सांसद कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करके सौंपा ज्ञापन

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 3 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र को पुनर्गठित कर पृथक बुन्देलखण्ड प्रान्त के गठन हेतु संसद में प्रस्ताव की मांग की

ललितपुर। आज बु.वि.सेना के दर्जनों कार्यकर्ताओं ने बु. वि. सेना के केन्द्रीय प्रमुख हरीश कपूर टीटू के नेतृत्व में स्थानीय सांसद कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करके सांसद प्रतिनिधि को ज्ञापन सौंपा।
बु. वि. सेना के कार्यकर्ता स्थानीय कंपनी बाग में एकत्र होकर जलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए सिविल लाइन स्थित सांसद कार्यालय पहुंचे। ” यू. पी. – एम. पी. तोड़ दो,और बुन्देलखण्ड जोड़ दो ” तथा सौ समस्याओं का एक निदान, पृथक बुन्देलखण्ड प्रान्त के गगनभेदी नारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा।
बु. सेना ने ज्ञापन के माध्यम से झांसी ललितपुर के सांसद माननीय अनुराग शर्मा से मांग की है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 3 के अंतर्गत संसद को नए राज्य के गठन तथा राज्यों की सीमाओं के पुनर्गठन का अधिकार प्राप्त है। अतः हमारा विनम्र आग्रह है कि उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के बुन्देलखण्ड अंचल का पुनर्गठन कर एक पृथक “बुन्देलखण्ड प्रान्त” का गठन किया जाए। इस बाबत वर्तमान में चल रहे मानसून सत्र में प्रस्ताव पारित कराया जाये। इसके अलावा ज्ञापन के माध्यम से निम्न बिंदुओं पर मांग की गई –
1- बुन्देलखण्ड विकास सेना पिछले 25 वर्षों से गांधीवादी एवं लोकतांत्रिक तरीके से पृथक बुन्देलखण्ड प्रान्त की मांग उठाती आ रही है।
2- बुन्देलखण्ड का विभाजित प्रशासनिक स्वरूप इसके समग्र विकास में सबसे बड़ी बाधा है।
क्षेत्र आज भी उद्योगों के अभाव, बेरोजगारी, पलायन, जल संकट, सिंचाई की कमी, सूखा-बाढ़, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली एवं पेयजल जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है।
3- महारानी लक्ष्मीबाई, गोस्वामी तुलसीदास, राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त, मेजर ध्यानचंद तथा बाबू वृन्दावनलाल वर्मा जैसी महान विभूतियों की यह पावन भूमि आज भी उपेक्षा का दंश झेल रही है।
4- पृथक बुन्देलखण्ड प्रान्त का गठन क्षेत्रीय असंतुलन दूर करने, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने तथा समग्र एवं संतुलित विकास सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध होगा।
बु. वि. सेना प्रमुख टीटू कपूर ने कहा कि माननीय अनुराग शर्मा जी झांसी–ललितपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद होने के नाते इस जनभावना को वर्तमान सत्र में संसद में प्रभावी ढंग से उठाएँ तथा भारत सरकार से आग्रह करें कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 3 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के बुन्देलखण्ड क्षेत्र को पुनर्गठित कर पृथक बुन्देलखण्ड प्रान्त के गठन की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जाए।
हमें पूर्ण विश्वास है कि आप बुन्देलखण्ड की जनता की वर्षों पुरानी इस न्यायोचित एवं लोकतांत्रिक मांग को राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त रूप से प्रस्तुत करेंगे।
इस मौके पर सांसद प्रतिनिधि ने भरोसा दिलाया कि माननीय सांसद जी नईदिल्ली पहुंच कर प्रधानमंत्री तथा गृहमंत्री से बात करके संसद में प्रस्ताव पारित कराकर पृथक बुन्देलखण्ड प्रान्त निर्माण के कार्य को आगे बढ़ायेंगे।
ज्ञापन पर बु. वि. सेना के केन्द्रीय महामंत्री महेंद्र अग्निहोत्री, मुकेश मुड़रा, मनोज शर्मा, राजमल बरया, राजीव पटवारी, लक्ष्मीनारायण विश्वकर्मा, मनोज शर्मा, कामरेड जिनेन्द्र जैन, मगन सोनी, राजा ओमकार सिंह, राजेश भटनागर, काशीराम विश्वकर्मा, संजू राजा, मुन्ना महाराज त्यागी, कदीर खां, विनोद साहू, राजकुमार कुशवाहा, विजय उपाध्याय, सुरेन्द्र कुमार, संजीव जैन,अमरसिंह बुन्देला, गफूर खां, परमानंद विश्वकर्मा, नंदराम कुशवाहा, मुहम्मद फहीम शबनम सुरेन्द्र कुमार, परवेज पठान, डॉ एस. एस. राजपूत , डॉ विवेक साहू, राघवेन्द्र सिंह लोधी , रामस्वरूप राजपूत, रूपसिंह राजपूत, शीतल प्रसाद , भरतसिंह राजपूत, डॉ संजय विश्वकर्मा, मानसिंह राजपूत, अखिलेश राजपूत, कमल विश्वकर्मा, रामसहाय राठौर, लालचंद रजक, खुशाल बरार कमल झा, राजीव साहु, पवन शर्मा, लक्ष्मी अहिरवार, जगदीश झा, अरविंद जैन, रामलाल पटेल, भैय्यन कुशवाहा, पहाड़सिंह, साहिल वाल्मीकि, विनोद चंदेल, प्रमोद धानुक, रामसिंह राजपूत, हनुमत सिंह, परमाल सिंह, अनिकेत सिंह, रामलाल पटेल, सुनील अग्रवाल, प्रदीप श्रीवास्तव, मथुरा प्रसाद मिश्रा, आदि के हस्ताक्षर हैं ।

जय जय बुन्देलखण्ड।

भवदीय,
हरीश कपूर ‘टीटू’
केन्द्रीय प्रमुख
बुन्देलखण्ड विकास सेना
ललितपुर

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रामजी तिवारी मड़ावरा

चीफ एडिटर – स्वराज भास्कर

रामजी तिवारी मड़ावरा एक अनुभवी और निष्पक्ष पत्रकार हैं, जो उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश की जमीनी खबरों को सटीकता और विश्वसनीयता के साथ प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्षों के अनुभव के साथ, उनका उद्देश्य समाज तक सच्ची, निष्पक्ष और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है।

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