गंगा घाट पर भक्तों ने उतारी आचार्य श्री संघ की महाआरती, किया भावविभोर नृत्य

कोलकाता/हावड़ा।
अभीक्ष्ण ज्ञानोपयोगी, परम पूज्य आचार्य श्री 108 वसुनंदी जी महामुनिराज ससंघ का इस वर्ष का चातुर्मासिक मंगल पदविहार शनिवार प्रातः अत्यंत भक्तिभाव, गाजे-बाजे और श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति के साथ कांकुरगाछी से हावड़ा स्थित विवेक विहार के लिए संपन्न हुआ।
प्रातः 4:30 बजे कांकुरगाछी स्थित अस्थाई संत निवास (विशुद्ध विला, राम कृष्ण समाधि रोड) से मंगल पदविहार प्रारंभ हुआ। आचार्य श्री ससंघ रामकृष्णा समाधि रोड, मानिकतला मेन रोड, गिरीश पार्क मोड़, गणेश टॉकीज मोड़, काली कृष्ण टैगोर स्ट्रीट और स्ट्रैंड रोड होते हुए ऐतिहासिक हावड़ा ब्रिज पार कर ग्रैंड फोरशोर रोड स्थित गंगा घाट पहुंचे। गंगा तट पर एकत्रित सैकड़ों साधर्मी बंधुओं ने आचार्य श्री संघ की भव्य महाआरती उतारी और भक्ति संगीत पर नृत्य कर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।
गंगा घाट से पदविहार आगे बढ़ते हुए प्रातः 7:00 बजे अपने चातुर्मास स्थल विवेक विहार क्लब हाउस (हावड़ा मिल्स क्लब हाउस, फोरशोर रोड, हावड़ा) पहुंचा, जहां संपूर्ण दिगंबर जैन समाज द्वारा पूज्य संघ का भव्य अगवानी एवं मंगल प्रवेश कराया गया।
मंगल प्रवचन एवं धर्म सभा:
विवेक विहार आगमन के पश्चात आयोजित धर्म सभा में पूज्य आचार्य श्री वसुनंदी जी महाराज ने अपने मंगलमयी वचनों से उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए चातुर्मास और संयम के महत्व पर प्रकाश डाला। तत्पश्चात, श्रद्धालुओं द्वारा आचार्य श्री के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य प्राप्त किया गया। इसके उपरांत सभी भव्य जीवों ने प्रभु जिनेन्द्र देव का भव्य अभिषेक एवं विश्व शांति की कामना के साथ शांतिधारा की।
आयोजकों ने जताया आभार:
श्री दिगम्बर जैन मुनिसंघ व्यवस्था समिति के अध्यक्ष श्री संजय जी काला (इस्पात), कार्याध्यक्ष श्री सुरेश जी सेठी (कानकी) एवं महामंत्री श्री सर्वेश जी पाटनी ने कोलकाता एवं बृहत्तर कोलकाता जैन समाज के सभी धर्मप्रेमी बंधुओं के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस मंगल पदविहार एवं प्रवेश समारोह में उपस्थित होकर दर्शन, वंदन एवं धर्म लाभ प्राप्त किया।
आयोजक: श्री दिगंबर जैन मुनि संघ व्यवस्था समिति, कोलकाता
संयोजक: सकल दिगंबर जैन समाज, हावड़ा (दक्षिण)
निवेदक: सकल दिगंबर जैन समाज, कोलकाता एवं वृहत्तर कोलकाता









