ललितपुर।
शिव नाडर फाउंडेशन के सहयोग से बुंदेलखंड सेवा संस्थान, ललितपुर द्वारा संचालित Shiksha – Adult Literacy Programme के अंतर्गत बुधवार को कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (POSH Act) विषय पर जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक एवं समान अवसर वाला वातावरण सुनिश्चित करने के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम दो स्थानों पर आयोजित किया गया। प्रथम सत्र ग्राम पंचायत डोंगराकलां में तथा द्वितीय सत्र बुंदेलखंड सेवा संस्थान, मड़ावरा कार्यालय में संपन्न हुआ। दोनों सत्रों में संस्थान के 110 जनशिक्षकों, फील्ड स्टाफ एवं अन्य कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए प्रशिक्षण का लाभ प्राप्त किया।
प्रशिक्षण में शिव नाडर फाउंडेशन की ओर से प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर सचिन दास एवं प्रशिक्षक श्रीमती जसप्रीत चोपड़ा ने प्रतिभागियों को POSH अधिनियम-2013 के उद्देश्य, प्रमुख प्रावधानों, कार्यस्थल पर महिलाओं के अधिकार, लैंगिक समानता, सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्य संस्कृति तथा यौन उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों के निवारण की प्रक्रिया के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक संस्था का दायित्व है कि वह अपने कार्यस्थल पर महिलाओं के लिए भयमुक्त, सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण वातावरण उपलब्ध कराए तथा शिकायतों के निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करे।
प्रशिक्षकों ने यह भी बताया कि कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार का लैंगिक भेदभाव अथवा यौन उत्पीड़न कानूनन दंडनीय अपराध है। उन्होंने प्रतिभागियों से अपील की कि वे POSH अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी अपने सहयोगियों एवं समाज के अन्य लोगों तक भी पहुँचाएँ, ताकि प्रत्येक कार्यस्थल पर सम्मान, समानता और संवेदनशीलता की संस्कृति विकसित हो सके।
कार्यक्रम में बुंदेलखंड सेवा संस्थान की ओर से अभिषेक सिंह, रिसोर्स कोऑर्डिनेटर (RC) आकाश, असिस्टेंट रिसोर्स कोऑर्डिनेटर (ARC) पुष्पेंद्र सिंह, सभी फील्ड सुपरवाइजर तथा सभी जनशिक्षक उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न विषयों पर अपने प्रश्न भी रखे, जिनका प्रशिक्षकों द्वारा विस्तारपूर्वक समाधान किया गया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा एवं सम्मान बनाए रखने, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने तथा POSH अधिनियम-2013 के प्रावधानों का पालन करते हुए सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्यस्थल के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का सामूहिक संकल्प लिया।









