तेरईफाटक-भारतीय शिक्षण मंडल ललितपुर द्वारा व्यास पूजा का कार्यक्रम आयोजित किया गया।इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री राम बृज राम जी रहे तथा मुख्य वक्ता श्री मनोज कुमार तिवारी संयोजक भारतीय शिक्षण मंडल झांसी विभाग रहें। अष्टादश पुराण, महाभारत, श्रीमद्भागवत, ब्रह्मसूत्र जैसे कालजयी ग्रन्थों के प्रणेता भारतीय ऋषि परम्परा के आधार स्तम्भ महर्षि वेदव्यास जी की पावन जयन्ती के एवं श्री गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर वीणा वादिनी बालिका इण्टर कॉलेज तेरईफाटक ललितपुर के सभागार में महर्षि वेदव्यास जी के चित्र पर पूजन माल्यार्पण के महर्षि वेदव्यास के कालजयी ग्रन्थों पर संगोष्ठी आयोजित की गयी राजकीय इण्टर कॉलेज माताटीला के प्रधानाचार्य श्री राम बृजराज ने महर्षि वेदव्यास जी के जीवनदर्शन पर एवं रचनाओं पर तथा गुरुतत्त्व पर प्रकाश डालते हुये कहा कि महर्षि वेदव्यास जी ने श्रीमद्भागवत, महाभारत एवं अष्टादश पुराणों सहित ब्रह्मसूत्र जैसी कालजयी रचनाओं द्वारा सम्पूर्ण विश्व को जीवन दर्शन प्रदान किया है,आज आवश्यकता है हम युवा पीढ़ी को इन कालजयी रचनाओं से परिचित करायें।इस अवसर पर प्रधानाचार्य श्री मनोज कुमार तिवारी विभाग संयोजक भारतीय शिक्षण मंडल झांसी विभाग ने गुरुतत्त्व की विशद विवेचना करते हुए आचार्यो का आवाहन किया गुरु का दायित्व है शिष्यों में आचार, विचार,व्यवहार, संस्कार एवं ज्ञान का सृजन करें, विद्यार्थियों को इस योग्य बनाये कि वे अपनी ज्ञान शक्ति से स्वयं का एवं परिवार पालन पोषण कर सकें, गुरु का दायित्व है शिष्यों के अन्दर छिपे अज्ञान,अहंकार,काम,क्रोध,लोभ, मोह, मद, मत्सर जैसे शत्रुओं को समाप्त करलें , संचालन श्रेया तिवारी ने किया,,इस अवसर पर विद्यालय के रमा तिवारी, ओमप्रकाश राजपूत, महेंद्र सिंह परिहार, रिषभ कौशिक,रामजीवन, अक्षिता राजा, सृष्टि तिवारी, सुभद्रा परिहार सहित सभी गुरुजन, एवं कर्मचारी उपस्थित रहें।।









