आचार्य श्री 108 विवेक सागर जी ससंघ की भव्य अगवानी, आहार जी गुरुकुलम छात्रावास के बच्चों ने मंगलगान से किया स्वागत

टीकमगढ़। टीकमगढ़ से लगभग 18 किलोमीटर दूर स्थित पावन श्री 1008 शांतिनाथ दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र आहार जी में 31 जुलाई को दोपहर 1:00 बजे आयोजित होने वाले मंगल कलश स्थापना महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। महोत्सव के पूर्व परम पूज्य आचार्य श्री 108 विवेक सागर जी महाराज ससंघ का सिद्ध क्षेत्र आहार जी में भव्य एवं श्रद्धापूर्ण मंगल प्रवेश हुआ, जहां श्रद्धालुओं ने उत्साह, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ उनका भावभीना स्वागत किया।
धर्म प्रभावना समिति के अध्यक्ष नरेंद्र जनता ने बताया कि आचार्य श्री के आगमन पर सिद्ध क्षेत्र आहार समिति एवं समस्त दिगंबर जैन समाज के श्रद्धालुओं ने मंगल कलश, जयघोष और धर्मध्वज के साथ उनकी अगवानी की। इस अवसर पर आहार जी गुरुकुलम के छात्रों ने दिव्य घोष, मंगलगान एवं गगनभेदी जयघोष प्रस्तुत कर संपूर्ण वातावरण को भक्तिमय बना दिया। विद्यार्थियों की अनुशासित एवं आकर्षक प्रस्तुति ने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया और आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। बड़ी संख्या में मातृशक्ति, पुरुष, युवा एवं बालक-बालिकाएं इस पावन अवसर के साक्षी बने।
अपने मंगलमय आशीर्वचनों में आचार्य श्री 108 विवेक सागर जी महाराज ने कहा कि मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य आत्मशुद्धि, संयम और मोक्षमार्ग की साधना है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से धर्म, सदाचार, अहिंसा और आत्मकल्याण के मार्ग पर निरंतर अग्रसर रहने का आह्वान किया तथा अपने आशीर्वाद से सभी को अनुगृहीत किया।
नरेंद्र जनता ने बताया कि 31 जुलाई को सिद्ध क्षेत्र आहार जी में मंगल कलश स्थापना महोत्सव अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न होगा। इस महाआयोजन में दूर-दराज़ से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजन को लेकर सिद्ध क्षेत्र आहार समिति एवं समस्त समाज के पदाधिकारी और कार्यकर्ता व्यापक तैयारियों में जुटे हुए हैं। महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह एवं हर्ष का वातावरण बना हुआ है।
महेंद्र बड़ागांव एवं राजकुमार पठा ने समस्त दिगंबर जैन समाज से इस कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है









