तालबेहट। जैनधर्म के अष्टाह्निका महापर्व में 21 तारीख से निरंतर जैन मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठानों के मध्य धर्म प्रभावना हो रही है। सिद्ध क्षेत्र पावागिरि सहित कसबे के दोनों जैन मंदिरों में नंदीश्वर द्वीप की पूजन के साथ सिद्धचक्र महामण्डल विधान का आयोजन किया गया। जिसमें प्रतिदिन अभिषेक शांतिधारा के उपरांत विशुद्धि पूर्वक सिद्धों की आराधना करते हुए द्विगुण-द्विगुण विधान में 1024 अर्घ समर्पित किये गये। वहीं चतुर्दशी को कसबे के वासुपूज्य दिगम्बर जैन मंदिर में भारतीय जैन मिलन बहुमण्डल शाखा ने श्रद्धा और भक्ति के साथ भक्तामर महामंडल विधान का आयोजन किया एवं 48 श्रीफल के अर्घ समर्पित किये। जिसमें अनिल कुमार, अशोक जैन, पुष्पेंद्र कुमार, सुशील मोदी ने प्रमुख इद्रों की भूमिका निभाई। सायं काल की बेला में णमोकार महामंत्र का पाठ एवं भक्तामर पाठ के साथ 48 दीपक प्रज्वलित कर महाआरती का आयोजन किया। जिसमें मण्डल की सभी महिलाओं ने बढ़चढ़ कर भाग लिया।संचालन जैन मिलन के अध्यक्ष विशाल जैन पवा ने किया। मिलन की संरक्षक अंजू राकेश सतभैया ने सभी का आभार व्यक्त किया। सिद्ध क्षेत्र पावागिरि में पं. महेंद्र कुमार जैन विदिशा के निर्देशन में आयोजित सिद्धचक्र महामण्डल विधान में अंतिम दिन 1024 अर्घ समर्पित किये। इस मौके पर पं. महेंद्र कुमार जैन ने रिद्धि-सिद्धिदायक विधान की महिमा का गुणगान करते हुए श्रीपाल-मैना सुंदरी चरित्र का वर्णन किया। इस मौके पर क्षेत्र प्रबंध समिति एवं अशोक कुमार, नरेन्द्र जैन राजेश कुमार राहुल जैन मानोरिया परिवार विदिशा का सक्रिय सहयोग रहा। 29 जुलाई बुधवार को सुबह मूलनायक भगवान पारसनाथ स्वामी का अभिषेक-शांतिधारा के उपरांत सिद्ध चक्र महामंडल विधान का समापन विश्वशांति महायज्ञ हवन एवं विमानोत्सव का आयोजन किया जायेगा।









