ललितपुर। संत शिरोमणि आचार्य श्रेष्ठ विद्यासागर महाराज का 59 दीक्षा दिवस पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अटा मन्दिर में ललितपुर जैन समाज ने मुनि सुव्रतसागर महाराज के सानिध्य में उत्साह पूर्वक मनाया गया। प्रातःकाल पूजन अभिषेक शान्तिधारा के उपरान्त आचार्य श्री की संगीतमय पूजन एवं विद्या गुरू विधान कर प्रभु भक्ति की।

आज प्रातःकाल मुनि श्री सुव्रतसागर महाराज ने शान्तिधारा का वाचन किया जिसका पुण्यार्जन जैन पंचायत के अध्यक्ष डा० अक्षय टडैया एवं महामंत्री आकाश जैन ने संयुक्त रूप से किया। ब्रहमचारी संजय भैया मुरैना ने संगीतमय विधान सम्पन्न कराया जिसमें उपस्थित भक्तजनों ने भक्तिपूर्वक अर्घ समर्पित किए। आचार्य श्री के चरणों का पादप्रक्षालन साधू वैयावृत्ति संघ एवं श्रेष्ठीजनों द्वारा किया गया। जिसमें प्रमुख रूप से श्रेष्ठी शीलचंद अनौरा, सनत जैन खजुरिया, सतीश नजा, डा० सजीव कडंकी, अक्षय अलया, सुरेश जैन बडैरा, अमित सराफ, धन्यकुमार जैन एड, वंटी कचनौदा, पारस मनया, चंचल पहलवान, मंदिर प्रबंधक अजय जैन गंगचारी, मनोज जैन बबीना के अतिरिक्त ब्रहमचारी सीमा दीदी, मीना दीदी, नीता दीदी, अनीता मोदी, डा० नीलम सराफ, अंजली सराफ, ममता जैन मोहनी, उमा जैन सैदपुर, सुषमा जेन सैदपुर, सिलोचना जेन, ज्योति औलिया, मधु मोदी, रानीजैन आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
मध्यान्ह में मुनि सुव्रत सागर महाराज ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए आचार्य श्री विद्यासागर महाराज के जीवन को आदर्श बताते हुए कहा उनके त्याग और तपस्या से हजारो लोगों ने आत्मकल्याण का मार्ग अपनाया और अपना जीवन सार्थक किया। उन्होने समाज को प्रेरित कर सन्मार्ग बताया गौशालाए, गुरूकुल, अस्पताल, शिक्षा के केन्द्र प्रतिभास्थली, हथकरघा के माध्यम से राष्ट को संदेश दिया। उन्होने कहा उनके उपकार अतुलनीय है उनका जितना स्मरण करो कम हैं। सायंकाल आचार्य श्री के दीक्षा दिवस पर 58 दीपों से संगीतमय आरती में भक्तजन सम्मलित हुए और दीक्षा दिवस को उत्साह के साथ मनाया।








