*स्थान: कोलकाता (बेलगछिया / बाग बाजार)*

*कोलकाता रविवार आज जैन समाज के लिए एक अत्यंत भावुक और शोकपूर्ण समाचार है। विगत कई दिनों से यम सल्लेखना व्रत पर चल रहीं क्षुल्लिका श्री 105 विमल नंदनी माता जी ने आज परम पूज्य आचार्य 108 श्री वसुनंदी जी महामुनिराज के हस्तकमलों से दीक्षा ग्रहण की। दीक्षा प्राप्त करने के उपरांत वे आर्थिका श्री 105 आनंदनंदनी माता जी बनीं।*
*तत्पश्चात, आज प्रातः लगभग 10:00 बजे उन्होंने अत्यंत समता पूर्वक अपने नश्वर शरीर का त्याग करते हुए ‘समाधि मरण’ (भाव पूर्ण समाधि) प्राप्त किया।*
अंतिम संस्कार एवं डोल यात्रा का विवरण:
पूज्य माता जी के अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार के कार्यक्रम की रूपरेखा इस प्रकार तय की गई थी:
डोल यात्रा प्रस्थान: आज दोपहर लगभग 2:30 बजे पूज्य माता जी की अंतिम डोल यात्रा श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर जैन उपवन मंदिर,बेलगछिया कोलकाता से प्रारंभ हुई।
*गंतव्य: यह डोल यात्रा बेलगछिया से काशी मित्र घाट (बाग बाजार) की ओर प्रस्थान की।*
*अंतिम संस्कार: भक्तों कि भारी भीड़ एवं गाजे बाजे के साथ आज दोपहर 3:30 बजे काशी मित्र घाट पर पूज्य माता जी के पार्थिव शरीर का पूरे विधि-विधान और जैन संस्कृति के अनुसार अंतिम संस्कार (अंतिम क्रिया) किया गई।*
*कोलकाता एवं बृहतर कोलकाता जैन समाज के सभी श्रद्धालु भक्तों ने इस पावन और वैराग्यमय क्षण में उपस्थित होकर पूज्य माता जी के अंतिम दर्शन करें तथा उनके चरणों में अपनी भावांजलि अर्पित किया।*









