ललितपुर में श्री अन्न (मिलेट्स) की खेती को बढ़ावा देने के लिए डॉ. मुकेश चंद, वरिष्ठ वैज्ञानिक और अध्यक्ष के नेतृत्व में कृषि विज्ञान केन्द्र, ललितपुर के परिसर में में उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम अंतर्गत स्थापित मिलेट्स प्रसंस्करण, पैकेजिंग सह विपणन केन्द्र बनकर तैयार हो गया है। कृषि विज्ञान केन्द्र में भवन निर्माण के साथ आधुनिक प्रोसेसिंग मशीन की स्थापना का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। खरीफ 2026 में श्री अन्न (मिलेट्स) फसल तैयार होने के बाद केन्द्र पर प्रोसेसिंग और पैकेजिंग का काम शुरू हो जाएगा। मिलेट्स प्लांट का उद्देश्य किसानों को श्री अन्न फसलों के उत्पादन के लिए प्रेरित करने के साथ ही साथ इनकी उपज को बाजार से जोड़ना भी है। डॉ. दिनेश तिवारी, विषय वस्तु विशेषज्ञ-सस्य विज्ञान ने 50 प्रगतिशील कृषक/ कृषक महिलाओं को श्री अन्न (मिलेट्स) की वैज्ञानिक उन्नत उत्पादन तकनीकी जानकारी (खेत की तैयारी, बीज की बुवाई, पोषक तत्वों का प्रबंधन, खरपतवार प्रबंधन, कीट और बीमारियों का प्रबंधन) उपरांत ज्वार का 4.2 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से एवं कोदो और सांवा जैसी फसलों का 4 किलोग्राम गुणवत्तायुक्त बीज प्रति एकड़ की दर से उपलब्ध कराया गया। लाभान्वित होने वाले कृषक विकाश खण्ड बिरधा, जखौरा, बार और महरौनी के 20 गांव से संबंधित थे। गुणवत्तायुक्त बीज भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-श्री अन्न अनुसंधान संस्थान, हैदराबाद से ललितपुर की मृदा और जलवायु के अनुरूप मंगाकर उपलब्ध कराया गया। इस वर्ष कृषि विज्ञान केन्द्र, ललितपुर 20 हैक्टेयर क्षेत्र में किसानों के सहयोग से श्री अन्न की खेती कराया जा रहा है। इसमें 10 हैक्टेयर में ज्वार (प्रजाति सी.एस.वी. 27), 5 हैक्टेयर में कोदो (प्रजाति सी.के.एम.वी. 2) और 5 हैक्टेयर क्षेत्र में सांवा (प्रजाति डी.एच.बी.एम. 93-2) की बुवाई कराई जा रही है। तीनो फसलें 100 – 110 दिन तैयार हो जाती हैं। अनुकूल परिस्थिति में 11-12 कुंटल प्रति एकड़ उत्पादन देने की क्षमता होती है। फसल तैयार होने के बाद प्राप्त उत्पाद की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग तथा विपणन में भी सहयोग दिया जाएगा। इस बार कृषि विज्ञान केन्द्र, ललितपुर द्वारा संबंधित कृषकों से उत्पादन उपरांत नियमानुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य या मंडी भाव पर बायबैक क्रय करने का भी प्रावधान किया गया है। इससे किसानों को अपनी उपज के बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी।









