टीकमगढ़। धर्म प्रभावना समिति टीकमगढ़ द्वारा फादर्स डे के अवसर पर नया मंदिर परिसर में एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में पिता के उपकारों, त्याग, संघर्ष और उनके द्वारा दिए गए जीवन मूल्यों पर प्रकाश डाला गया।

इस अवसर पर धर्म प्रभावना समिति के अध्यक्ष नरेंद्र जनता ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पिता केवल एक रिश्ता नहीं, बल्कि जीवन के सबसे बड़े शिक्षक होते हैं। उनके अनुभव, संघर्ष और सीख हमें जीवन की हर परिस्थिति में सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने अपने पिता की एक महत्वपूर्ण सीख को साझा करते हुए बताया कि बचपन में जब उन्होंने सफलता का रहस्य पूछा था, तब उनके पिता ने कहा था, “जीवन में कभी शॉर्टकट मत ढूंढना। मेहनत और ईमानदारी से जो मिलता है, वही सबसे बड़ी सफलता होती है।”
नरेंद्र जनता ने बताया कि उनके पिता ने एक और महत्वपूर्ण जीवन मंत्र दिया था कि संसार में अपनी पत्नी को छोड़कर सभी महिलाओं को मां-बहन के समान सम्मान देना चाहिए तथा किसी भी व्यक्ति के साथ धन के लेन-देन में कभी भी नीयत खराब नहीं करनी चाहिए। यही संस्कार व्यक्ति के चरित्र की पहचान बनते हैं।
उन्होंने कहा कि समय के साथ उन्हें पिता की इन शिक्षाओं का वास्तविक महत्व समझ में आया। जीवन में अनेक अवसर ऐसे आए जब आसान रास्ता चुनने का अवसर मिला, लेकिन पिता की सीख ने सदैव सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। मेहनत, ईमानदारी और अच्छे संस्कारों के कारण ही सम्मान और आत्मविश्वास प्राप्त हुआ।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने भी अपने-अपने पिता की प्रेरणादायक शिक्षाओं को साझा किया तथा फादर्स डे को केवल उत्सव नहीं, बल्कि पिता द्वारा दिए गए संस्कारों और जीवन मूल्यों को स्मरण करने का अवसर बताया।
अंत में सभी ने अपने पिता एवं समस्त पितृ स्वरूप व्यक्तित्वों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके योगदान को नमन किया।
नमन उन सभी पिताओं को, जिनकी सीख और संस्कार हमारी जिंदगी को सही दिशा देते हैं।








