भौरट बांध से आएगा पानी, जल शोधन संयंत्र और चार विशाल टंकियों के माध्यम से घर-घर पहुंचेगा शुद्ध पेयजल

महरौनी (ललितपुर)।
महरौनी नगरवासियों की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में आज एक ऐतिहासिक कदम उठने जा रहा है। केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार एवं नगर पंचायत महरौनी के संयुक्त प्रयासों से अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत स्वीकृत 41.04 करोड़ रुपये की पुनर्गठित पेयजल योजना का शिलान्यास मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान किया जाएगा। यह महत्वाकांक्षी परियोजना नगर के विकास एवं जनसुविधाओं के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि मानी जा रही है।
योजना के अंतर्गत भौरट बांध से पाइपलाइन के माध्यम से जल आपूर्ति की जाएगी। प्राप्त जल को डिग्री कॉलेज रोड स्थित आधुनिक जल शोधन संयंत्र (वाटर ट्रीटमेंट प्लांट) में वैज्ञानिक तरीके से शुद्ध किया जाएगा। इसके बाद चार विशाल ओवरहेड पानी की टंकियों के माध्यम से नगर के विभिन्न क्षेत्रों में नियमित एवं सुचारु जल वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।
परियोजना पूर्ण होने के पश्चात नगर के प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन के माध्यम से स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इससे गर्मी के मौसम में होने वाली जल संकट की समस्या से राहत मिलेगी तथा नागरिकों को गुणवत्तायुक्त पेयजल प्राप्त होगा। विशेषज्ञों के अनुसार स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होने से जलजनित बीमारियों में भी उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है।
इस महत्वपूर्ण परियोजना को स्वीकृति दिलाने एवं शासन स्तर पर लगातार पैरवी करने में नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीलम दुष्यंत बड़ौनिया की सक्रिय भूमिका रही है। नगरवासियों का कहना है कि उन्होंने नगर की इस मूलभूत आवश्यकता को प्रमुखता से उठाते हुए निरंतर प्रयास किए, जिसके परिणामस्वरूप महरौनी को यह बड़ी सौगात प्राप्त हुई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 20 जून को प्रस्तावित शिलान्यास के साथ इस महत्वाकांक्षी योजना का औपचारिक शुभारंभ होगा। नगरवासियों ने आशा व्यक्त की है कि परियोजना समयबद्ध ढंग से पूर्ण होकर प्रत्येक परिवार तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के संकल्प को साकार करेगी।
महरौनी के विकास, जनस्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं को नई दिशा देने वाली यह योजना आने वाले वर्षों में क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी।








