महरौनी (ललितपुर)।
भोंरट बांध डूब क्षेत्र से प्रभावित ग्रामों के ग्रामीणों ने गुरुवार को जिलाधिकारी ललितपुर सत्यप्रकाश को ज्ञापन सौंपकर लंबित मुआवजा एवं आवास उपलब्ध कराए जाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी भूमि, पेड़-पौधे एवं अन्य संपत्तियां बांध की डूब क्षेत्र में आने से प्रभावित हुई हैं, लेकिन अभी तक सभी पात्र परिवारों को मुआवजा नहीं मिल सका है।
ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम छपरट, भौंरट, सतलीगा, गुमची, बम्होरी घाट, बैदपुर, सकरौनी, किसरदा सहित कई गांवों के सैकड़ों परिवार वर्षों से समस्या का सामना कर रहे हैं। कुछ प्रभावित किसानों को मुआवजा मिला है, जबकि बड़ी संख्या में परिवार अब भी प्रतीक्षा कर रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कई बार बजट स्वीकृत होने के बावजूद प्रभावितों तक उसका लाभ नहीं पहुंच पाया।
ग्रामीणों ने बताया कि जर्जर आवास, जलभराव तथा जंगली जानवरों की समस्या से उनका जीवन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था न होने से परिवारों के सामने आर्थिक एवं सामाजिक संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र मुआवजा एवं आवास उपलब्ध कराने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वे कलेक्ट्रेट परिसर में आमरण अनशन करने को बाध्य होंगे।
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए डूब क्षेत्र के सभी प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत प्रदान करने की मांग की है।









