*समस्त दिगंबर जैन समाज टीकमगढ़ ने साधु संतों की सुरक्षा के लिए दिया ज्ञापन*

टीकमगढ़ समस्त दिगंबर जैन समाज ने साधु संतों की सुरक्षा के लिए कलेक्टर महोदय के नाम से दिया ज्ञापन दिया

धर्म प्रभावना समिति के अध्यक्ष नरेंद्र जनता ने जानकारी देते हुए बताया कि आज दिनांक 25,5,26 को प्रातः 8:00 बजे समस्त जैन समाज के लोग माताएं बहने और बच्चे बच्चियों एवं समस्त मंदिर कमेटियों के पदाधिकारी एकत्रित हुए और लगभग 5000 लोगों काली पट्टी बांधकर बाजार जैन मंदिर से एक मौन जुलूस निकालकर शहर के विभिन्न मार्गो से होकर गांधी चौराहे पर पहुंचकर कलेक्टर महोदय द्वारा श्रीमान एस .के.तोमर डिप्टी कलेक्टर ,एवं श्री जे.पी .शुक्ला नायव तहसीलदार को गांधी चौराहे पर रीवा की घटना से अवगत कराते हुए साधु संतों की सुरक्षा का एक ज्ञापन सोपा है

जिसमें कहा गया है कि मध्य प्रदेश में रीवा शहर में सिविल लाइन स्थित थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार सफेद कार जिसका नंबर एम एच 49 सीडी 8309 बुधवार सुबह 5:45 बजे कलेक्ट रोड के पास पैदल जा रही जैन साध्वियों के ऊपर किसी सोची समझी साजिश के तहत जानबूझकर गाड़ी चढा दी जिसमें आचार्य विद्यासागर महाराज की शिष्या आर्यका 105 श्रुत मति माताजी, उपशममती माताजी की दर्दनाक मौत हो गई श्रुत मतिमाता जी मध्य प्रदेश के सागर जिले की और उपशम मति माताजी तमिल नाडु की रहने वाली थी
विहार रत जैन साधु-संतों की सुरक्षा हेतु विशेष सुरक्षा व्यवस्था, राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति एवं आर्यिका माताजी दुर्घटना प्रकरण की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जाँच की माँग।
जैन समाज सहित सभी समाज के लोग एकत्रित हुए जिसमें प्रमुख रूप से पूर्व विधायक के.के.श्रीवास्तव ने कहा कि इस प्रकार की दोषी व्यक्तियों का नारको टेस्ट कराया जाए तो स्थिति तुरंत स्पष्ट हो जाएगी वहीं व लक्ष्मण रैकवार ने कहा कि उसकी उच्च स्तरीय जांच होना चाहिए श्री राम तिवारी ने कहा की साधु संत की सुरक्षा होनी चाहिए

समस्त जैन समाज लोगों ने एवं माताएं बहनों ने अत्यन्त दुःख एवं गहरी वेदना के साथ कहा कि हाल ही में विहार रत आर्यिका माताजी के साथ हुई अत्यन्त दुखद घटना की, जिसमें संघ की पूज्य आर्यिकाओं का असामयिक निधन हो गया।

यह घटना केवल एक सड़क दुर्घटना भर नहीं मानी जा सकती। उपलब्ध तथ्यों एवं वीडियो क्लिपों के आधार पर समाज में गहरी आशंका एवं चिंता का वातावरण निर्मित हुआ है। अतः इस प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं उच्चस्तरीय जाँच अत्यन्त आवश्यक है।
नरेंद्र जनता ने बताया कि
जैन साधु-संत पूर्णतः निहत्थे, अहिंसक एवं पैदल विहार करने वाले तपस्वी होते हैं। वे किसी प्रकार की सुरक्षा या सुविधाओं का उपयोग नहीं करते तथा समाज में शांति, संयम और अहिंसा का संदेश प्रसारित करते हैं। ऐसे संतों के साथ लगातार बढ़ती दुर्घटनाएँ एवं हमले सम्पूर्ण समाज के लिए अत्यन्त चिंताजनक विषय हैं।

अतः हम निम्न माँगें आपके समक्ष विनम्रतापूर्वक प्रस्तुत करते हैं
प्रमुख माँगें
1. घटना की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जाँच
• इस प्रकरण की SIT अथवा न्यायिक जाँच कराई जाए।
• घटना से संबंधित सभी CCTV, वीडियो एवं डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित किए जाएँ।
• दोषियों पर कठोरतम कानूनी कार्यवाही की जाए।
• यदि सुनियोजित कृत्य अथवा षड्यंत्र के तथ्य मिलें, तो तदनुसार कठोर धाराएँ लगाई जाएँ

2. “संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” लागू किया जाए
विहाररत साधु-संतों की सुरक्षा हेतु:
• विहार मार्गों पर प्रशासनिक समन्वय,
• संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस सहयोग,
• ट्रैफिक नियंत्रण,
• चेतावनी संकेतक,
• हाईवे एवं भीड़भाड़ क्षेत्रों में विशेष सावधानी
सुनिश्चित की जाए।

3. “राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति” बनाई जाए
भारत सरकार द्वारा:
• पैदल विहार करने वाले संतों हेतु राष्ट्रीय guideline,
• सुरक्षा SOP,
• तथा संवेदनशील मार्गों हेतु विशेष प्रावधान
निर्मित किए जाएँ।
4. संतों के विरुद्ध अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखा जाए
क्योंकि:
• साधु-संत आत्मरक्षा नहीं करते,
• वाहन या सुरक्षा साधनों का उपयोग नहीं करते,
• तथा पूर्णतः अहिंसक जीवन जीते हैं।
5. प्रशासन एवं समाज के बीच समन्वय तंत्र बने
स्थानीय स्तर पर:
• “Sant Security Coordination Cell”
• एवं आपातकालीन संपर्क व्यवस्था
निर्मित की जाए।
जैन समाज सदैव शांति, अहिंसा, कानून और संवैधानिक मर्यादाओं में विश्वास रखता है। हमारा उद्देश्य किसी प्रकार का तनाव उत्पन्न करना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना एवं तपस्वी संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

हमें पूर्ण विश्वास है कि प्रशासन इस अत्यन्त संवेदनशील विषय को गंभीरता से लेते हुए त्वरित एवं प्रभावी कदम उठाएगा।
“जो स्वयं निहत्थे होकर भी मानवता को अहिंसा का मार्ग दिखाते हैं, उनकी सुरक्षा करना समाज और शासन — दोनों का नैतिक दायित्व है।”
या
“संत सुरक्षा केवल एक समाज का विषय नहीं, भारत की आध्यात्मिक विरासत की सुरक्षा का प्रश्न है।”
समस्त दिगंबर जैन समाज ने यह बात रखी
मौन जुलूस में समस्त मंदिर कमेटियों के पदाधिकारी समस्त महिला मंडल अतिशय क्षेत्र सिद्ध क्षेत्र के पदाधिकारी समस्त पूजन समिति ,मुनि सेवा संघ ,धर्म प्रभावना समिति ,वीर व्यायाम शाला ,सहित सभी जैन समाज के पदाधिकारी एवं श्रावक जन शामिल हुए

स्वराज भास्कर मीडिया परिवार की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि
स्वराज भास्कर मीडिया परिवार की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि

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रामजी तिवारी मड़ावरा

चीफ एडिटर – स्वराज भास्कर

रामजी तिवारी मड़ावरा एक अनुभवी और निष्पक्ष पत्रकार हैं, जो उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश की जमीनी खबरों को सटीकता और विश्वसनीयता के साथ प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में वर्षों के अनुभव के साथ, उनका उद्देश्य समाज तक सच्ची, निष्पक्ष और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है।

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