कथा में सुमधुर भजनों पर श्रद्धालुओं ने झूमकर नृत्य किया ।

मोहल्ला नेहरू नगर में स्थित मां कात्यायनी माता मंदिर के पावन स्थान पर चल रही सप्त दिवसीय संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा में श्री वृंदावन धाम से पधारे कथा वाचक श्री प्रशांत कृष्ण जी महाराज जी की मधुर वाणी से श्रद्धालुओं को श्रीमद् भागवत कथा रसपान करने को मिल रही है कथा के छठवें दिन रुक्मणी विवाह प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया गया जिसे सुनकर श्रद्धालु झूम उठे कथा वाचक श्री प्रशांत कृष्ण जी महाराज ने कहा कि मनुष्य गृहस्थी के कार्यों में इतना उलझ जाता है कि भगवान के लिये वह समय ही नहीं निकाल पाता है जीवन की आपाधापी में मनुष्य भगवान से दूर होता जा रहा है जो अच्छी बात नहीं है धर्म से विमुख रहकर कोई भी व्यक्ति सुखमय जीवन व्यतीत नहीं कर सकता और जहां पुण्य है वहां पाप जरुर होगे जहां दिन है वहां रात जरुर आयेगी वर्तमान समय में पाप बढ़ने की बातें कही जाती है लेकिन पाप तो सतयुग, द्वापर युग और त्रेता युग में भी होते थे गीता में अर्जुन को ज्ञान देते हुये भगवान श्री कृष्ण ने कहा था कि एक दिन सबका अन्त होना है इसलिये हमें पछताना नही चाहिये ईश्वर से सच्चे मन से जो भी मांगो उसकी हर मनोकामना पूरी होती है कथा में सुमधुर भजनों पर श्रद्धालुओं ने झूमकर नृत्य करते हुये फूलों की वर्षा की इस दौरान भगवान के स्वरुपों को भी सजाया गया भगवान के स्वरुपों में आभा रुक्मणी और रिद्धी कृष्ण जी बने हुये थे जैसे ही भगवान के स्वरुपों की दिव्य छटा श्रद्धालुओं को दर्शन करने को मिली तो श्रद्धालुओं ने भगवान के चरण पखार कर व भगवान के स्वरुपों की आरती उतार कर अपने मंगलमय जीवन को सफल बनाया एवं कार्यक्रम में फूल, फल प्रसाद भी चढ़ाया गया कथा में मुख्य यजमान प्रेमलता – अच्छेलाल बने हुये है संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा रोजाना शाम 5 बजे से रात्रि 8 बजे तक श्रद्धालुओं को रसपान करने को मिल रही है श्रीमद् भागवत कथा रसपान करने के लिये अधिक से अधिक संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ लग रही है संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के कार्यक्रम में आचार्य दीपक रिछारिया,ढोलक पर रामकुमार, पैड पर बब्लू सेन, आरगिन पर रामकिशन कुशवाहा संगत देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर रहे है सभी श्रद्धालुओं ने श्रीमद् भागवत कथा के कार्यक्रम में पधारकर अपने मंगलमय जीवन को सफल बनाया श्रीमद् भागवत कथा में वोमित राजा,अंश वर्धन, हर्ष वर्धन, मोन्टू,भागचन्द, सौरभ ,पूजा, नन्दिनी,मनीषा,बेबी राजा,रुपेश,रहीश,सुषमा, सत्येन्द्र प्रताप सिंह,चिक्की, राघवेन्द्र के अलावा अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।








