टीकमगढ़। नगर में आयोजित भव्य श्री पंचकल्याणक महोत्सव के अंतिम दिन मोक्ष कल्याणक दिवस अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आस्था के वातावरण में मनाया गया। पूरे परिसर में धर्ममय वातावरण छाया रहा, श्रद्धालु भक्ति में लीन दिखाई दिए।

धर्म प्रभावना समिति के अध्यक्ष नरेंद्र जनता ने बताया कि प्रातः भगवान का अभिषेक निर्माण कल्याणक पूजन शांति हवन देव स्थापना एवं 8 बजे आरंभ हुआ गजरथ महोत्सव इस दिन का मुख्य आकर्षण रहा। सुसज्जित हाथियों द्वारा भगवान के रथ की दिव्य परिक्रमा श्रीजी कॉलोनी के चारों तरफ से 7 परिक्रमा लगाई गई रथयात्रा के दर्शन हेतु हजारों की संख्या में माताएँ, बहनें और धर्मप्रेमी बंधु उपस्थित रहे। “जय जिनेंद्र” के उद्घोष से वातावरण बार-बार गुंजायमान होता रहा और पूरे आयोजन में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
जनता जी ने बताया कि
मोक्ष कल्याणक की पावन क्रिया अत्यंत भाव-विभोर वातावरण में सम्पन्न हुई, जिसने श्रद्धालुओं को अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
इस गजरथ यात्रा में सबसे म्यूजिकल ग्रुप, अहिंसा दिव्या घोष ग्रुप, एवं प्रमुख पात्र जैसे भगवान के माता-पिता, सोधर्म इंद्र ,कुबेर इंद्र, महायज्ञनायक, यज्ञनायक, ईशान इंद्र ,सनत कुमार इंद्र, महेंद्र, भरत चक्रवर्ती, बाहुबली राजा सोम, राजा श्रेयांश, उपेंद्र, ब्रह्मोत्तर इंद्र, ब्रह्म इंद्र ,महामंडलेश्वर, मंडलेश्वर, मुकुटबद्ध राजा, आदि सभी हाथी एवं रथ पर सवार थे पर, उदयपुर राजस्थान बैंड ,एवं अनेक महिला रेजीमेंट अपनी अपनी विशेष वेशभूषा और विशेष परिधान में भगवान के मंगल गीत गा रही थी अनेक मंदिर कमेंटियों के पदाधिकारी ,वीर व्यायाम शाला, मुनि सेवा संघ, पारस नाथ भक्ति समिति ,अतिशय क्षेत्र पपौरा जी कमेटी ,सिद्ध क्षेत्र आहार जी कमेटी, बंधा जी नवागढ़ मंदिर कमेटी, वानपुर जी मंदिर कमेटी ,अनेक पंडित और विद्वान एवं महावीर बाल संस्कार, धर्म प्रभावना समिति ममौछु मंडल ज्ञान मंदिर, नंदीश्वर कॉलोनी, जैन अगम पाठशालाओं के बच्चे, जैन मिलन की पदाधिकारी, ऋषभ कला मंडल, सूयसागर विद्यालय, तरुण क्रांति मंच ,नवयुवक सेवा मंडल ,साधु सेवा समिति ,जैन महिला परिषद ,सोशल ग्रुप, विमर्श जागृति मंच, महावीर मैत्री ग्रुप ,अनेकांत महिला मंडल ,वीर बहू मंडल ,साधु सेवा औषधि समिति ,चंद्रप्रभु महिला मंडल, रॉयल ग्रुप ,सुधा सागर समिति ,एवं स्थानीय अतिथि सम्मिलित रहे
, 108 गुरु समत्व सागर महामुनि राज, 108 शील सागर महामुनि राज , 108 सुप्रभात सागर महामुनि राज मुनि सेवा संघ के घेरे में चल रहे थे
धर्मसभा को संबोधित करते हुए पूज्य महाराज श्री ने कहा कि मानव जीवन अत्यंत दुर्लभ है, इसलिए इसे व्यर्थ न गंवाते हुए सभी जीवों के प्रति मैत्री, करुणा और सद्भाव का भाव रखना चाहिए। उन्होंने उन्होंने कहा कि पंचकल्याणक से पॉजिटिव एनर्जी आती है जो आपसे प्रेम और भाईचारा बढ़ती हुई हमें मोक्ष मार्ग का रास्ता बताती है और उन्होंने कहा कि जो पात्र आज सुख का अनुभव कर रहे हैं अगर वास्तव में उस पद पर पहुंच जाएंगे तो कितना सुख प्राप्त करेंगे राग-द्वेष का त्याग कर आत्मकल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी तथा बुंदेलखंड की पावन भूमि को पुण्यभूमि बताते हुए समाज में आपसी प्रेम, सौहार्द और वत्सलता बढ़ाने का संदेश दिया।
महाराज श्री ने कहा कि इस कार्यक्रम को कराने में जैन समाज के अलावा सभी समाज का सहयोग प्राप्त हुआ और कार्यक्रम बहुत ऊंचाइयों तक पहुंचा
अंत में श्रीजी मंदिर कमेटी द्वारा सभी सहयोगियों को माला और मुकुट पहनाकर सम्मानित किया गया। सभी टीकमगढ़ वासियो का आभार व्यक्त किया पूरे आयोजन ने श्रद्धालुओं के हृदय में भक्ति, शांति और आध्यात्मिक जागृति का अनुपम संचार किया।
▶️पत्रकार रामजी तिवारी मड़ावरा
▶️संपादक स्वराज भास्कर
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